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शहर के कुंडों और तालाबों का होगा सुंदरीकरण
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शहर के कुंडों और तालाबों को सजाने संवारने का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए नगर निगम की ओर सर्वे का काम जारी है। शासन की मंशा के अनुरूप नगर निगम शहर के तालाबों को चिह्नित करने में लगा है। इसके लिए हरेक तालाब का सर्वे कराया जा रहा है। नगर निगम के मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन ने बताया कि तालाबों के चारों तरफ पक्का निर्माण होगा।
उन्होंने बताया कि तालाब के आस पास बैठने के लिए बेंच आदि लगाए जाएंगे। यही नहीं जहां जरूरत होगी वहां फव्वारे भी लगाए जाएंगे। आकर्षक लाइटिंग के साथ पाथवे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को लुभाया जा सके। पिछले दिनों कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बैठक कर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए थे, इसके बाद इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
शहरी क्षेत्र के पांचों जोन में छोटे-बड़े मिलाकर 138 तालाब हैं। इसमें अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण है। कई तालाब का सुंदरीकरण स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत नदेसर तालाब, पांडेयपुर तालाब, चकरा व सोनभद्र तालाब, चितईपुर तालाब हैं। जिन्हें सुंदर बनाया जा रहा है। कई तालाबों पर अतिक्रमण व पक्के निर्माण होने के चलते उनका सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। इन तालाबों को कब्जे से मुक्ति व सुंदरीकरण के लिए कमेटी गठित है। कमेटी सर्वे कर तालाबों का चयन करने में जुटी है। इन तालाबों को आकर्षक बनाने के साथ ही उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
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भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए जरूरी हैं तालाब
तालाबों को सुंदर बनाने के पीछे प्रमुख मंशा भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने की है। तालाबों में पानी की मात्रा होने से भूजल स्तर बढ़ेगा। यही नहीं पर्यटन के लिहाज से भी इन तालाबों का महत्व बढ़ जाएगा। सुंदरीकरण होने से इन तालाबों के पास दूर दराज से पर्यटक भी आएंगे।
वर्जन
शासन की मंशा के अनुरूप शहर के तालाबों को संवारने काम होगा। जहां अतिक्रमण हैं वहां से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। - प्रणय सिंह, नगर आयुक्त
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उन्होंने बताया कि तालाब के आस पास बैठने के लिए बेंच आदि लगाए जाएंगे। यही नहीं जहां जरूरत होगी वहां फव्वारे भी लगाए जाएंगे। आकर्षक लाइटिंग के साथ पाथवे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को लुभाया जा सके। पिछले दिनों कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बैठक कर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए थे, इसके बाद इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
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शहरी क्षेत्र के पांचों जोन में छोटे-बड़े मिलाकर 138 तालाब हैं। इसमें अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण है। कई तालाब का सुंदरीकरण स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत नदेसर तालाब, पांडेयपुर तालाब, चकरा व सोनभद्र तालाब, चितईपुर तालाब हैं। जिन्हें सुंदर बनाया जा रहा है। कई तालाबों पर अतिक्रमण व पक्के निर्माण होने के चलते उनका सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। इन तालाबों को कब्जे से मुक्ति व सुंदरीकरण के लिए कमेटी गठित है। कमेटी सर्वे कर तालाबों का चयन करने में जुटी है। इन तालाबों को आकर्षक बनाने के साथ ही उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
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भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए जरूरी हैं तालाब
तालाबों को सुंदर बनाने के पीछे प्रमुख मंशा भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने की है। तालाबों में पानी की मात्रा होने से भूजल स्तर बढ़ेगा। यही नहीं पर्यटन के लिहाज से भी इन तालाबों का महत्व बढ़ जाएगा। सुंदरीकरण होने से इन तालाबों के पास दूर दराज से पर्यटक भी आएंगे।
वर्जन
शासन की मंशा के अनुरूप शहर के तालाबों को संवारने काम होगा। जहां अतिक्रमण हैं वहां से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। - प्रणय सिंह, नगर आयुक्त