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बस यूं ही अपनी तरफ खींच लेता है शहर बनारस

Fri, 15 Oct 2021 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:48 AM IST
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The city Banaras just pulls it towards itself
कुछ तो बात है बनारस की गलियों में जो भी आता है बस यहीं का होकर रह जाता है। शहर भर में दशहरा और नवरात्र उत्सव का उल्लास छाया हुआ है। इसे और करीब से देखने और जानने के लिए भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनर वाराणसी पहुंचे हैं।
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जर्मनी के राजदूत ने बनारस आगमन की जानकारियां एक के बाद एक कई ट्वीट में तस्वीरों के जरिये साझा की है। बृहस्पतिवार सुबह जर्मन राजदूत ने गंगा में नौकायन कर सुबह-ए-बनारस का आनंद लिया। नाव पर मौजूद साधू की तस्वीरों के साथ उन्होंने अपनी तस्वीरों को भी पोस्ट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, वाराणसी (बनारस, काशी) को हिंदुओं द्वारा नदियों के सबसे पवित्र स्थान के रूप में माना जाता है। नदी के किनारे 90 घाट हैं। यहां गंगा के पानी से जीव शुद्ध होते हैं और मृत्यु को मोक्ष मिलने के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने तस्वीरों का समय बृहस्पतिवार सुबह छह बजे का बताया।
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इससे पहले के ट्वीट में उन्होंने ये जानकारी साझा की थी कि वो इस बार दशहरा पर्व दिल्ली में नहीं बल्कि पृथ्वी पर सबसे प्राचीन शहर बनारस में मनाएंगे। वहीं 12 अक्तूबर को किए एक ट्वीट में वाल्टर जे लिंडनर ने पूछा था कि हिंदुओं के बड़े त्योहारों में से एक नवरात्र का अंतिम दिन दशहरा इस बार किस शहर में मनाया जाए।
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