{"_id":"57ae35ba4f1c1bb17cee4bc0","slug":"the-cargo-ship-in-the-river-walk","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में चलने लगे मालवाहक जलपोत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में चलने लगे मालवाहक जलपोत
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 13 Aug 2016 02:16 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी से केंद्रीय कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी ने हरी झंडी दिखाकर हल्दिया के लिए किया रवाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा में जल परिवहन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का शुक्रवार को ऐतिहासिक शुभारंभ हो गया। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने अवधूत भगवान राम घाट से कारों और निर्माण सामग्री से भरे दो मालवाहक जलपोतों को हरी झंडी दिखाकर कोलकाता रवाना किया। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में गडकरी ने सड़क सुधार की तीन बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करने के साथ ही एलान किया कि अगले दो साल में केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख करोड़ रुपये सड़कों को बनाने पर खर्च करेगी।
बताया कि 27 महीने के कार्यकाल में अब तक 60 हजार करोड़ रुपये केवल यूपी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों को संवारने पर खर्च किए गए हैं। गडकरी ने छावनी के मल्टीपरपज मैदान पर आयोजित समारोह में वाराणसी से जौनपुर (एनएच 56), वाराणसी से आजमगढ़ (एनएच 233) एवं वाराणसी से गाजीपुर (एनएच 29) सड़क सुधार परियोजना का शिलान्यास करने के साथ ही गंगा में जल परिवहन परियोजना के तहत रामनगर में बनने वाले मल्टी मॉडल हब टर्मिनल की आधारशिला रखी।
गडकरी ने कहा कि दो साल पहले जब हम सत्ता में आए थे तो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की लंबाई 7672 किलोमीटर थी। अब एनएच की लंबाई 11074 किलोमीटर हो गई है। दिसंबर से पहले इसे 4500 किलोमीटर और बढ़ाने का लक्ष्य है। पुल और रोड बनाने पर तीन लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि सड़कें बनेंगी तो यूपी में उद्योग आएंगे।
विज्ञापन
यहां के युवाओं को काम मिलेगा और लोगों की गरीबी दूर होगी। बताया कि देश की 111 नदियों को जलमार्ग में बदलने का विधेयक संसद में पारित हो चुका है। वाराणसी से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) के बीच मालवाहक जलपोत चलेंगे। इस मार्ग पर तीन स्थानों पर मल्टीहब टर्मिनल बनाए जाएंगे। ये टर्मिनल वाराणसी में रामनगर, झारखंड में साहिबगंज और पश्चिम बंगाल में हल्दिया में बनेंगे। टर्मिनल का निर्माण शुरू हो चुका है। टर्मिनल सड़क और रेल मार्ग से जुड़े होंगे। जलमार्ग से माल ढुलाई सड़क और रेल से काफी सस्ती होगी और इससे पर्यावरण को भी कोई खतरा नहीं होगा।
पीएम के संसदीय क्षेत्र को 2500 करोड़ रुपये की सौगात देने के साथ ही गडकरी ने जलमार्ग से होने वाले फायदे भी गिनाए और बताया कि कैसे इस योजना से यूपी का कायाकल्प होगा। कहा कि गंगा में केवल मालवाहक ही नहीं, आलीशान क्रूज भी चलेंगे। वाटर पोर्ट बनाए जाएंगे। गंगा किनारे के दस शहरों में फेरी सर्विस शुरू की जाएगी। कहा कि मैं चाहता हूं कि देश के बड़े उद्यमी अपना क्रूज खरीदें और उसी क्रू ज से यहां आएं। ऐसा विमान भी खरीदेंगे, जो रनवे के अलावा पानी में भी उतरेगा। अगली बार वाराणसी आऊंगा तो विमान से गंगा में ही लैंड करूंगा।
विज्ञापन
बताया कि 27 महीने के कार्यकाल में अब तक 60 हजार करोड़ रुपये केवल यूपी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों को संवारने पर खर्च किए गए हैं। गडकरी ने छावनी के मल्टीपरपज मैदान पर आयोजित समारोह में वाराणसी से जौनपुर (एनएच 56), वाराणसी से आजमगढ़ (एनएच 233) एवं वाराणसी से गाजीपुर (एनएच 29) सड़क सुधार परियोजना का शिलान्यास करने के साथ ही गंगा में जल परिवहन परियोजना के तहत रामनगर में बनने वाले मल्टी मॉडल हब टर्मिनल की आधारशिला रखी।
विज्ञापन
गडकरी ने कहा कि दो साल पहले जब हम सत्ता में आए थे तो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की लंबाई 7672 किलोमीटर थी। अब एनएच की लंबाई 11074 किलोमीटर हो गई है। दिसंबर से पहले इसे 4500 किलोमीटर और बढ़ाने का लक्ष्य है। पुल और रोड बनाने पर तीन लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि सड़कें बनेंगी तो यूपी में उद्योग आएंगे।
विज्ञापन
यहां के युवाओं को काम मिलेगा और लोगों की गरीबी दूर होगी। बताया कि देश की 111 नदियों को जलमार्ग में बदलने का विधेयक संसद में पारित हो चुका है। वाराणसी से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) के बीच मालवाहक जलपोत चलेंगे। इस मार्ग पर तीन स्थानों पर मल्टीहब टर्मिनल बनाए जाएंगे। ये टर्मिनल वाराणसी में रामनगर, झारखंड में साहिबगंज और पश्चिम बंगाल में हल्दिया में बनेंगे। टर्मिनल का निर्माण शुरू हो चुका है। टर्मिनल सड़क और रेल मार्ग से जुड़े होंगे। जलमार्ग से माल ढुलाई सड़क और रेल से काफी सस्ती होगी और इससे पर्यावरण को भी कोई खतरा नहीं होगा।
पीएम के संसदीय क्षेत्र को 2500 करोड़ रुपये की सौगात देने के साथ ही गडकरी ने जलमार्ग से होने वाले फायदे भी गिनाए और बताया कि कैसे इस योजना से यूपी का कायाकल्प होगा। कहा कि गंगा में केवल मालवाहक ही नहीं, आलीशान क्रूज भी चलेंगे। वाटर पोर्ट बनाए जाएंगे। गंगा किनारे के दस शहरों में फेरी सर्विस शुरू की जाएगी। कहा कि मैं चाहता हूं कि देश के बड़े उद्यमी अपना क्रूज खरीदें और उसी क्रू ज से यहां आएं। ऐसा विमान भी खरीदेंगे, जो रनवे के अलावा पानी में भी उतरेगा। अगली बार वाराणसी आऊंगा तो विमान से गंगा में ही लैंड करूंगा।