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प्रशासन झुका न किसान माने

Mon, 11 Apr 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी Updated Mon, 11 Apr 2016 01:18 AM IST
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The administration is not inclined known farmer
सारनाथ स्थित हृदयपुर गांव में नए सर्किल रेट पर मुआवजे के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण।
संदहा से हरहुआ तक बन रही रिंग रोड में जिन किसानों की जमीन ली गई है, वे नए सर्किल रेट से मुआवजे की मांग पर अड़ गए हैं। रविवार को प्रशासन से करीब डेढ़ घंटे तक किसानों की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। हृदयपुर पुलिया के नीचे किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले अनशन पर बैठे किसानों ने दो टूक कहा कि पहले नए सर्किल रेट के आधार पर उन्हें मुआवजा दिया जाए। उसके बाद ही वे काम शुरू होने देंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, अनशन जारी रहेगा। इस पर प्रशासनिक टीम बैरंग लौट आई और दिन भर काम शुरू नहीं हो सका। मसले का हल निकालने के लिए सोमवार को तहसील में किसानों को वार्ता के लिए बुलाया गया है।
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नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे के लिए सुबह नौ बजे से हृदयपुर, अहमदपुर, फरीदपुर समेत कई गांवों के किसान जुटे। हृदयपुर पुलिया के नीचे मुआवजे के लिए जोरदार नारेबाजी के साथ किसान अपने हक के लिए अनशन पर बैठ गए। उधर, गोला में रिंग रोड का काम शुरू होने की भनक लगते ही गांव के युवक वहां पहुंच गए और काम रोकवा दिया। इसकी सूचना पर सारनाथ पुलिस और एक ट्रक पीएसी भी लगा दी गई लेकिन किसान हटे नहीं।
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दिन में करीब 12:30 बजे एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्त के साथ एसडीएम सदर आर्यका अखौरी भी दलबल के साथ अनशन स्थल पर पहुंची। इसके अलावा, रिंग रोड का निर्माण करा रही कंपनी एपको इंफ्राटेक के प्रशासनिक अधिकारी राजेश पांडेय भी पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि उन्हें मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है फिर क्यों काम नहीं करने दे रहे हैं। इस पर किसान भड़क गए। किसानों ने कहा कि उन्हें ठगा गया है। उन्हें मालूम है कि रिंग रोड प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। हम भी चाहते हैं विकास हो लेकिन हमें हमारा हक मिलना चाहिए। नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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इस बीच, मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता विजय शंकर पांडेय और दोनों अधिकारियाें के बीच नोेकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और काम शुरू नहीं होने दिया गया। इस पर एसडीएम सदर ने किसानों को सोमवार को तहसील में वार्ता के लिए बुलाया। करीब दो बजे आम आदमी पार्टी के नेता राकेश पांडेय भी किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंचे।


उन्होंने कहा कि पार्टी विकास विरोधी नहीं हैं लेकिन किसानों का हक मारकर विकास नहीं होनेे देंगे। उचित मुआवजा देने के बाद ही काम शुरू होने दिया जाएगा। उनके साथ सौरभ यादव, मनीष गुप्ता, हरिशंकर सिंह मौजूद रहे।  किसानों का कहना है कि प्रशासन से वार्ता होगी लेकिन अनशन जारी रहेगा। अनशन पर पूर्व प्रधान रामबली पटेल, सुरेंद्र पटेल, अरुण, राजेंद्र, महेंद्र प्रसाद, राजेंद्र मानव, रविंद्र, मिठाई लाल, रामहिंद सिंह, हरिबल्लभ सिंह आदि रहे।
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