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थाई कलाकारों ने किया सीता हरण का जीवंत मंचन
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Thu, 05 Mar 2015 02:32 AM IST
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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय रामायण मेला के अंतर्गत बुधवार की शाम नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में थाईलैंड के कलाकारों द्वारा रामायण का मंचन किया गया। इंडियन काउंसिल फार कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) के सहयोग से आयोजित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। मेकअप से लेकर वेशभूषा और आधुनिक इलेक्ट्रानिक तकनीकी ने कार्यक्रम को उत्कृष्ट बना दिया।
थाई कलाकारों के जीवंत अभिनय की सभी ने सराहना की। सीता हरण के दृश्य को मंच पर बखूबी पेश किया गया। रावण अपनी शक्तियों से मारीच को सोने का हिरण बना देता है और वह सीता जी की कुटिया के सामने जाकर खड़ा हो जाता है। उसे देखकर सीता, राम से हिरण लाने को कहती हैं। राम उसके पीछे जाते हैं और तीर मारकर गिरा देते हैं। मारीच जो हिरण के रूप में रहता है राम की आवाज में
कराहकर लक्ष्मण को मदद के लिए पुकारता है। जब लक्ष्मण मदद को जाते हैं तो रावण साधूवेश में आकर सीता का हरण कर ले जाता है। राम कि किरदार में चैयतन और लक्ष्मण के किरदार में पीरमेट और सीता के किरदार में यामाकुप के अभिनय को सराहा गया। हिरण बने पीमरत नवासरी ने अपने वस्त्र विन्यास और अभिनय से मोहित कर दिया। रावण का किरदार निभा रहे तावीसप का रंग रूप और अभिनय जबर्दस्त था। निर्देशक शुरत के काम को भी रंगकर्म के विशेषज्ञों ने खूब सराहा।
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प्रारंभ में विधायक रवींद्र जायसवाल और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की। इस दौरान प्रोफेसर राममोहन पाठक, शिवशरण पाठक, डा. संजय मेहता, अनुराग सिंह, अजीत सैगल, रितेश राय, आशुतोष चतुर्वेदी, आशीष बसाक, सोनल सैगल, तापस दास, अभिनव चौरसिया, अशोक सहगल, विवेक मेहरा आदि मौजूद थे।
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थाई कलाकारों के जीवंत अभिनय की सभी ने सराहना की। सीता हरण के दृश्य को मंच पर बखूबी पेश किया गया। रावण अपनी शक्तियों से मारीच को सोने का हिरण बना देता है और वह सीता जी की कुटिया के सामने जाकर खड़ा हो जाता है। उसे देखकर सीता, राम से हिरण लाने को कहती हैं। राम उसके पीछे जाते हैं और तीर मारकर गिरा देते हैं। मारीच जो हिरण के रूप में रहता है राम की आवाज में
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कराहकर लक्ष्मण को मदद के लिए पुकारता है। जब लक्ष्मण मदद को जाते हैं तो रावण साधूवेश में आकर सीता का हरण कर ले जाता है। राम कि किरदार में चैयतन और लक्ष्मण के किरदार में पीरमेट और सीता के किरदार में यामाकुप के अभिनय को सराहा गया। हिरण बने पीमरत नवासरी ने अपने वस्त्र विन्यास और अभिनय से मोहित कर दिया। रावण का किरदार निभा रहे तावीसप का रंग रूप और अभिनय जबर्दस्त था। निर्देशक शुरत के काम को भी रंगकर्म के विशेषज्ञों ने खूब सराहा।
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प्रारंभ में विधायक रवींद्र जायसवाल और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की। इस दौरान प्रोफेसर राममोहन पाठक, शिवशरण पाठक, डा. संजय मेहता, अनुराग सिंह, अजीत सैगल, रितेश राय, आशुतोष चतुर्वेदी, आशीष बसाक, सोनल सैगल, तापस दास, अभिनव चौरसिया, अशोक सहगल, विवेक मेहरा आदि मौजूद थे।