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संकरी गलियों व लटकते तारों ने रोका दमकल वाहन का रास्ता, आग से गृहस्थी खाक, 10 बकरियों की मौत; दो गाएं झुलसी
Thu, 18 Apr 2024 02:23 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 18 Apr 2024 02:23 PM IST
सार
Varanasi News: मौके पर पहुंचे ग्रामिणों ने पम्पिंगसेट का पानी बाल्टी से डाल कर आग बुझाने का प्रयास किया। सफलता तो नहीं मिली लेकिन पास-पड़ोस घरों में आग फैलने बचाने में कामयाब रहे।
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अगलगी के बाद।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सारनाथ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत छांही की राजभर बस्ती में गुरुवार को खाना बनाने के दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग ने विकराल रूप पकड़ लिया, जिसमें घर गृहस्थी के सभी सामान के साथ 10 बकरियां जल गईं। वहीं खूंटे से बंधी दो गायें बुरी तरह झुलस कर जीवन व मौत से संघर्ष कर रही हैं।
पारसनाथ राजभर व भैयालाल सगे भाई हैं। दोनों लोगों के मकान के अलावा झोपड़ियां रहीं। सुबह भैयालाल की पत्नी अपनी रसोई में चूल्हे पर खाना बना रही थी। समझा जाता है कि उसमें से निकली चिनगारी पास में स्थित झोपड़ी में लग गई देखते ही देखते पूरी झोपड़ी जलने लगी और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
भैयालाल के साथ-साथ पारसनाथ के भी झोपड़ियों और रिहायसी मकान में भी आग पकड़ ली और सब जलने लगा।
ग्राम प्रधान सर्वेश यादव ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में दमकल कर्मी पहुंचे, लेकिन घटना स्थल का रास्ता संकरा होने व पोल पर नीचे लटकते विद्युत तारों के चलते मौके तक पहुंच ही नहीं पाई।
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दोनों भाइयों की पूरी गृहस्थी जल कर खाक हो गई। झोपड़ी में बंधी पारसनाथ की 10 बकरियां जल कर मर गईं तथा खूंटे से बंधी दो गायें बुरी तरह से झुलस गईं है। ग्राम प्रधान की सूचना पर चिरईगांव ब्लाक के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरए चौधरी व पशुधन प्रसार अधिकारी उधम सिंह भी मौके पर पहुंच गए और झुलसी गायों के उपचार में लग गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार के पास कुछ भी नहीं बचा है।
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पारसनाथ राजभर व भैयालाल सगे भाई हैं। दोनों लोगों के मकान के अलावा झोपड़ियां रहीं। सुबह भैयालाल की पत्नी अपनी रसोई में चूल्हे पर खाना बना रही थी। समझा जाता है कि उसमें से निकली चिनगारी पास में स्थित झोपड़ी में लग गई देखते ही देखते पूरी झोपड़ी जलने लगी और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
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भैयालाल के साथ-साथ पारसनाथ के भी झोपड़ियों और रिहायसी मकान में भी आग पकड़ ली और सब जलने लगा।
ग्राम प्रधान सर्वेश यादव ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में दमकल कर्मी पहुंचे, लेकिन घटना स्थल का रास्ता संकरा होने व पोल पर नीचे लटकते विद्युत तारों के चलते मौके तक पहुंच ही नहीं पाई।
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दोनों भाइयों की पूरी गृहस्थी जल कर खाक हो गई। झोपड़ी में बंधी पारसनाथ की 10 बकरियां जल कर मर गईं तथा खूंटे से बंधी दो गायें बुरी तरह से झुलस गईं है। ग्राम प्रधान की सूचना पर चिरईगांव ब्लाक के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरए चौधरी व पशुधन प्रसार अधिकारी उधम सिंह भी मौके पर पहुंच गए और झुलसी गायों के उपचार में लग गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार के पास कुछ भी नहीं बचा है।