फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Temple to be built in Ayodhya , mathura and kashi

अब मोदी की सरकार, मंदिर वहीं बनाएंगे: सुब्रह्मण्यम स्वामी

Sun, 28 Dec 2014 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Updated Sun, 28 Dec 2014 02:15 AM IST
विज्ञापन
Temple to be built in Ayodhya , mathura and kashi
वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि केंद्र में अब भाजपा की सरकार है। अयोध्या, मथुरा और काशी में भव्य मंदिर बनेगा। प्रधानमंत्री को तीनों ही मस्जिदों के मुतवल्ली को पत्र लिखकर यह बताना चाहिए कि वह इन स्थानों पर भव्य मंदिर का निर्माण करना चाहते हैं।
विज्ञापन

कहा कि भारत में 40 हजार मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाया गया है, हम तो केवल तीन मंदिर बनाना चाहते हैं। स्वामी शनिवार की शाम यहां बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में यूथ इन एक्शन संस्था की ओर से ‘मैं और मेरा भारत’ विषयक संगोष्ठी में बोल रहे थे।
विज्ञापन


‘हिंदुस्तान में रहने वाले सब हिंदू ’
स्वामी ने कहा कि शोध से साबित हो चुका है कि सभी हिंदुस्तानी या तो हिंदू हैं या उनके पूर्वज पूर्वज हिंदू थे। व्यक्तिगत तौर पर हिंदुस्तान का मुसलमान भी मानता है कि उसके पूर्वज हिंदू थे मगर धर्म के ठेकेदार इसकी मुखालफत करते हैं। ब्राह्मण और दलित का डीएनए भी एक ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोएडा में हुआ था रावण का जन्म
भाजपा नेता ने कहा कि पराक्रमी रावण ब्राह्मण था और उसका जन्म श्रीलंका में नहीं बल्कि नोएडा के पास के बसरख गांव में हुआ था। उसकी पत्नी मंदोदरी भी मेरठ से ही थी। उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि वह रावण को द्रविड़ मानते थे लेकिन जब उन्हें पता चला कि रावण नोएडा में जन्मा था तो उन्होंने प्रदेश में रावण लीला बंद करा दी।

नई पीढ़ी को सही इतिहास पढ़ाएंगे
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को जो इतिहास पढ़ाया जा रहा वह सरासर गलत है। हम नई पीढ़ी को सही इतिहास का ज्ञान कराएंगे। हम अंग्रेजों के जमाने की पाठ्य पुस्तकों को बदलेंगे। 

नेहरू से राहुल तक रहे निशाने पर
स्वामी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू से लेकर राहुल तक सब फेलियर हैं लेकिन सोनिया गांधी होशियार हैं। उनके पास दो नागरिकता है। मौका मिलते ही अपने देश भाग जाएंगी।


संस्कृत क्लब, संस्कृत में बात करें
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने संस्कृतनिष्ठ हिंदी की वकालत करते हुए कहा कि हिंदुत्व की भावना जगाने के लिए  मातृ भाषा के साथ सभी को संस्कृत सीखना होगा। संस्कृत को हिंदी से जोड़ें। संस्कृत का एक क्लब बनाएं। सप्ताह में एक दिन केवल संस्कृत में बात करने का संकल्प लें। आर्थिक विकास के लिए इतिहास के साथ संस्कृत का ज्ञान जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed