{"_id":"5ee2885b8ebc3e42fb10a0cd","slug":"temple-city-news-vns5296600181","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलने लगे देवालयों के कपाट, उमड़ने लगे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलने लगे देवालयों के कपाट, उमड़ने लगे श्रद्धालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी । लॉकडाउन की लंबी समय के बाद लगातार धर्मस्थलों के खुलने का सिलसिला जारी है। मंदिरों में जहां भक्तों की आवाजाही बढ़ी है, वहीं संत कीनाराम आश्रम में भी श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के साथ सभी को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर भोजूबीर में स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए खुल गए। छत्रपति शिवाजी द्वारा स्थापित मंदिर में श्रद्धालुओं की बहुत आस्था है। सुबह छह बजे से मंदिर में दर्शन पूजन आरंभ हो गया। मंदिर के पुजारी राजेश गिरि ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही सैनिटाइजेशन का ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर में आने वाले भक्तों से भी निवेदन किया जा रहा है कि वह अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।
वहीं संत कीनाराम आश्रम खुलने से श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी है। वह रोजाना सुबह और शाम आश्रम में बाबा की धूनी का दर्शन और पूजन करने पहुंच रहे हैं। आश्रम में सोशल डिस्टेंसिंग और सफाई का खास ध्यान रखा जा रहा है।
ढाई महीने बाद जुमेरात पर पढ़ी फातिहा
लॉकडाउन की ढाई महीने की अवधि के बाद से पहली जुमेरात पर दरगाहों और मजारों पर अकीदतमंदों की भीड़ रही। जियारत और फातिहा पढ़ने के साथ ही उन्होंने अपने पीर ओ मुर्शीद से कोरोना के खात्मे की दुआ की। मजारों पर बकायदा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए प्रवेश दिया गया। मस्जिद, मजार और दरगाहों पर भी बृहस्पतिवार को फातिहा पढने वालों की संख्या रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं संत कीनाराम आश्रम खुलने से श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी है। वह रोजाना सुबह और शाम आश्रम में बाबा की धूनी का दर्शन और पूजन करने पहुंच रहे हैं। आश्रम में सोशल डिस्टेंसिंग और सफाई का खास ध्यान रखा जा रहा है।
विज्ञापन
ढाई महीने बाद जुमेरात पर पढ़ी फातिहा
लॉकडाउन की ढाई महीने की अवधि के बाद से पहली जुमेरात पर दरगाहों और मजारों पर अकीदतमंदों की भीड़ रही। जियारत और फातिहा पढ़ने के साथ ही उन्होंने अपने पीर ओ मुर्शीद से कोरोना के खात्मे की दुआ की। मजारों पर बकायदा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए प्रवेश दिया गया। मस्जिद, मजार और दरगाहों पर भी बृहस्पतिवार को फातिहा पढने वालों की संख्या रही।
विज्ञापन