बीएचयू: एक क्लिक पर मिलेगा स्वास्थ्य का डाटा, टेली डिजिटल हेल्थ पायलट प्रोग्राम की हुई शुरुआत, आधार से होगा लिंक
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले समय में अब मरीजों को अपना स्वास्थ्य का रिकॉर्ड लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। वह दिन दूर नहीं है, जब नाम और आधार कार्ड का नंबर कंप्यूटर में फीड करते ही आपके स्वास्थ्य की पूरी रिपोर्ट आपके चिकित्सक के सामने होगी। पूरे देश में कहीं भी किसी भी चिकित्सक के यहां उस रिपोर्ट के आधार पर इलाज करा सकेंगे।
शुक्रवार को बीएचयू के विज्ञान संस्थान के मालवीय सभागार में टाइफैक के तत्वावधान में आयोजित टेली डिजिटल हेल्थ पायलट प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि यह एक तरह की स्वास्थ्य कुंडली है और इसके माध्यम से व्यक्ति के जीवन में होने वाले रोगों की संभावना भी पकड़ में आ सकेगी। इसलिए आने वाले दिनों में लोग शादी-विवाह के पूर्व जन्म कुंडली के साथ स्वास्थ्य कुंडली का भी मिलान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह में परिकल्पना की थी कि पूरे देश के लोगों की डिजिटल हेल्थ कुंडली बनाई जाए, ताकि इससे लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से देश को स्वास्थ्य कुंडली की सौगात मिली है।
सभागार में मौजूद आईआईटी बीएचयू की बायोटेक्नालॉजी की छात्रा सौम्या कटियार पर इस तकनीक की जांच की गई। ब्लड सैंपल लेकर आधार कार्ड से लिंक करते ही 30 सेकेंड में उससे संबंधित सभी आंकड़े पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगे।
राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि कोरोना काल में टेलीमेडिसिन की महत्ता को सबने देखा है। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने कहा कि यह मिशन पूरे देश में कीर्तिमान स्थापित करेगा। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य सामाजिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। यह अत्यंत ही व्यापक है। देश के लोगों के लिए यह नववर्ष का सच्चा उपहार है। संचालन बीएचयू मॉलीक्यूलर बॉयोलाजी विभाग की डॉ. गीता राय ने किया।