Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव या होटल प्रबंधन, किसकी है गलती? जानिए कैसे विवाद बन गया बवाल
वाराणसी के कैंट रोडवेज क्षेत्र के परेड कोठी स्थित आर्केडिया होटल से बिहार सरकार के मंत्री व राजद नेता तेज प्रताप यादव का कमरा खाली कराने का मामला सामने आया है। यह मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
विस्तार
बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री व राजद नेता तेज प्रताप यादव का वाराणसी के होटल में विवाद चर्चा के केंद्र में है। प्रकरण को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। मामले में तेज प्रताप यादव के निजी सहायक ने खासा हंगामा किया। साथ ही सिगरा थाने में तहरीर देकर होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी तरफ होटल के महाप्रबंधक संदीप ने कहा कि सब कुछ नियमानुसार किया गया है। बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा है। कोई तेज प्रताप यादव को गलत ठहरा रहे हैं तो वहीं कई लोग होटल प्रबंधन को कठघरे में खड़े रहे हैं। प्रकरण में अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। दोनों पक्ष की बात जानिए।
गुरुवार रात बनारस आए थे तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव अपने निजी सहायकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे दर्शन-पूजन के लिए वाराणसी पहुंचे। तेज प्रताप यादव के एक परिचित ने उनके लिए परेड कोठी स्थित आर्केडिया होटल में कमरा नंबर 205 और 206 बुक कराया।
तेज प्रताप यादव के निजी सहायक मिशाल सिन्हा का आरोप है कि मंत्री की गैर मौजूदगी में उनका कमरा नंबर 206 खुलवा कर सामान आगंतुक हॉल में रखवा दिया गया। साथ ही कमरा नंबर 205 से सामान उठवाकर फेंक दिया गया। मिशाल सिन्हा ने कहा कि जिस दौरान यह घटना हुई, उस दौरान उनका सहायक दिलावर मौजूद था। मंत्री तेज प्रताप यादव की सुरक्षा के लिहाज से होटल प्रबंधन का यह तौर-तरीका ठीक नहीं था। इसलिए सिगरा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
देर रात ही निकल गए थे तेज प्रताप यादव
होटल में कमरे को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार की देर रात ही तेज प्रताप यादव अपने निजी सहायकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ निकल गए थे। चर्चा रही कि वह बनारस से दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल गए हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। बताया गया कि विवाद के वह बिहार लौट गए हैं।
होटल के महाप्रबंधक बोले- विवाद को बढ़ाया गया
होटल के महाप्रबंधक संदीप ने कहा कि दोनों कमरे इसी शर्त पर दिए गए थे कि शुक्रवार की दोपहर 12 बजे तक उन्हें खाली कर दिया जाएगा। यह कमरे दो महीने पहले से बुक थे। शुक्रवार की सुबह तेज प्रताप यादव अपने निजी सहायकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ होटल से निकले तो दिन में वापस नहीं आए।
इस बीच पहले से कमरा बुक कराने वाले लोग आ गए। लंबा इंतजार करने के बाद रात 12 बजे के लगभग कमरा नंबर 205 को खुलवा कर उसमें मौजूद सुरक्षा कर्मी के सामने सामान दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया। तेज प्रताप यादव का कमरा नंबर 206 नहीं खोला गया था। इसके बावजूद विवाद को बढ़ाया गया। सब कुछ नियमानुसार किया गया है।
तेज प्रताप यादव के सहायकों ने धमकाया
होटल के महाप्रबंधक संदीप ने कहा कि हम मंत्री-विधायक की गरिमा जानते हैं। किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया गया। तेज प्रताप यादव के साथ आए लोगों से आईडी प्रूफ मांगते रहे, लेकिन नहीं मिल सका। जब भी कहा गया, तब जवाब मिला कि आईडी दे रहे हैं। उनके सुरक्षाकर्मी और सहायकों ने देख लेने की धमकी दी।
होटल से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं की जांच
कैंट रोडवेज क्षेत्र के परेड कोठी स्थित जिस होटल में तेज प्रताप यादव ठहरे थे, वह सराय अधिनियम के तहत पंजीकृत है या नहीं है। आग से सुरक्षा के इंतजाम की एनओसी ली गई या नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है। बिल्डिंग का नक्शा स्वीकृत है या नहीं है, यह भी देखा जा रहा है। सिगरा इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि रिपोर्ट डीसीपी काशी जोन को सौंपी जाएगी। होटल से जुड़े प्रत्येक बिंदु की जानकारी दी जाएगी। उच्चाधिकारियों का जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस आयुक्त बोले- कराई जा रही जांच
तेज प्रताप यादव के किसी करीबी ने होटल में कमरे बुक कराए थे। सात अप्रैल को कमरे खाली करने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिन लोगों ने कमरों की बुकिंग पहले कराई थी, उनके आने पर कमरे का सामान सुरक्षित आंगतुक हॉल में रख दिया गया था। घटना की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। - संतोष कुमार सिंह, अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध)
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