किशोरी का धर्मांतरण: तीन आरोपियों को कचहरी में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, किसी तरह पुलिस ने बचाया; भेजे गए जेल
वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में किशोरी के धर्मांतरण के आरोपियों की अदालत में पेशी हुई। इस दाैरान अधिवक्ताओं ने उन्हें दाैड़ा लिया और पिटाई की। पुलिस ने मशक्कत के बाद उन्हें बचाया और जेल भेज दिया।
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Varanasi News: आदमपुर थाने के धर्मांतरण के तीन आरोपियों की बुधवार को दीवानी न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान अधिवक्ताओं ने पिटाई कर दी। तीनों आरोपियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। किसी तरह पुलिस ने आरोपियों को बचाया।
मौलवी मोहम्मद हसीन, आबिद सुल्तान उर्फ राजू और अगुवा मर्सलीन को पुलिसकर्मियों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन तृतीय कुलदीप यादव की कोर्ट में पेश किया, जहां से देर शाम कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। देर शाम तक परिसर में अधिवक्ताओं की भीड़ रही।
पुलिसकर्मियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में उन्हें दाखिल कराया। आदमपुर थाना क्षेत्र की एक बालिका का धर्मांतरण के बाद निकाह कराया गया। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने बाल अपचारी, महिला, दो मौलवी और एक अगुवा के खिलाफ केस दर्ज किया है। बाल अपचारी पकड़ा गया। महिला भी जेल में है।
जैतपुरा के रहने वाले मौलवी मोहम्मद हसीन, मौलवी आबिद सुल्तान उर्फ राजू और अगुवा मर्सलीन निवासी जलालीपुरा को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बुधवार दोपहर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।
पुलिस ने की कार्रवाई
बालिका का अपहरण कर धर्मांतरण और पिता पर हमले के मामले में बाल अपचारी को पुलिस ने सोमवार रात पकड़ा और आरोपी महिला को गिरफ्तार किया था। उधर, गिरफ्तारी के बाद दोनों मौलवी और अगुवा ने हाथ जोड़कर पुलिस से माफी मांगी है।
डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि इस अपराध में जो भी लोग शामिल होंगे, सभी की गिरफ्तारी होगी। पुलिस की टीम ने कोनिया क्षेत्र में बाल अपचारी के पिता और अन्य रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी है। क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित पिता ने 12 साल के मासूम बेटी को अगवा कर उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह के मामले में सोमवार रात आदमपुर थाने में केस दर्ज कराया था।