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आईआईटी में टेक कॉन्क्लेव : एआई रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग से गांवों और वंचित क्षेत्रों तक पहुंचेगा मेडटेक

Sun, 18 Oct 2026 12:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:56 AM IST
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Tech Conclave at IIT: AI Remote Patient Monitoring Will Bring Medtech to Villages and Underserved Areas
आईआईटी बीएचयू के नवोन्मेष अभिपोषण एवं उद्यमिता केंद्र ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना
मंत्रालय के सचिव ने कहा- एआई सिद्धांतों का सख्ती से पालन हो, जिससे रोगी की गोपनीयता, डेटा गवर्नेंस सुनिश्चित हो
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में शनिवार को मेडटेक के लिए मंत्रालय, तकनीकी संस्थानों और उद्यमी एक ही मंच पर जुटे। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया टेक कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने एआई रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग यानी दूरस्थ रोगी निगरानी की बात कही। कहा कि इसे सक्षम बनाकर गांव और वंचित क्षेत्रों तक मेडटेक यानी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। कहा कि क्लीनिकल एआई सिस्टम के लिए जिम्मेदार एआई सिद्धांतों का सख्ती से पालन हो, जिससे रोगी की गोपनीयता, एल्गोरिदमिक निष्पक्षता और डेटा गवर्नेंस सुनिश्चित हो सके। आगे कहा कि देश जिम्मेदार एआई इस्तेमाल, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल प्रतिभा और एक संपन्न स्टार्टअप इकोसिस्टम के दम पर तेजी से स्वदेशी तकनीकी विकास कर रहा है।

आईआईटी के नवोन्मेष, अभिपोषण और उद्यमिता केंद्र, मंत्रालय और सीआईआईई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिकों की पैनलिस्ट ने कहा कि आईआईटी बीएचयू जैसे तकनीकी संस्थानों और आईएमएस-बीएचयू जैसे मेडिकल केंद्रों के बीच संस्थागत जुड़ाव भारत को सुरक्षित, सुलभ और विश्व स्तरीय सहायक व स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकियों के वैश्विक केंद्र के रूप में उभारने की आधारशिला साबित होगा।
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छात्र वेतनभोगी बनने तक सीमित न रहें, स्टार्टअप्स तैयार करें

निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने मेडटेक के लिए शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य पेशेवरों, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को मजबूत करना होगा। उद्यमियों की सहायता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के पूर्व छात्र (एलुमनाई) नेटवर्क से फंड जुटाना होगा। एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि छात्र वेतनभोगी बनने तक सीमित न रहें, इनोवेटिव स्टार्टअप्स तैयार करें। छात्रों के पास नए समाधान विकसित करने और सफल उद्यम स्थापित करने की पूरी क्षमता है। रोजगार पैदा कर देश की तकनीकी प्रगति व आर्थिक विकास में योगदान दें। समन्वयक प्रो. एमके मेश्राम ने मेडटेक क्षेत्र को बढ़ावा देने में इनक्यूबेशन, मेंटरशिप और संस्थागत समर्थन की बात कही। डॉ. मल्लिका तिवारी ने मेडटेक स्टार्टअप्स के मजबूत इको सिस्टम की जरूरत बताई। सुमित महाजन ने प्रदेश सरकार के यूपी स्टार्टअप मिशन द्वारा स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत किए गए पहलों को समझाया।
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