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Varanasi News: मांगों पर शिक्षकों की एकजुट हुंकार, प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न का आरोप
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गाजीपुर। विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के बाद प्रांतीय संगठन के आह्वान पर शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की ओर से सरजू पांडेय पार्क में सोमवार को धरना दिया गया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर शिक्षकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों की अनदेखी कर रही है। बिना मूलभूत सुविधाओं के ऑनलाइन उपस्थिति लगवाना उत्पीड़न है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों से शिक्षण से इतर कई काम ऑफलाइन मोड में जबरन करवा रही है। परिवार सर्वेक्षण, बाल गणना, जनगणना, मिड-डे-मील, फल-दूध वितरण आदि कार्य ऑफलाइन करने के बाद विद्यालयों में ऑनलाइन ड्यूटी करना समझ से परे है। अगर सरकार ऑनलाइन/डिजिटलाइजेशन चाहती है तो विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू नहीं किया जा रहा है। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि या नियमितीकरण पर सरकार हमारी मांग नहीं मान रही है। चेताया कि अगर सरकार शिक्षकों की मांगों की अनदेखी करेगी तो आगामी विधानसभा चुनाव में शिक्षक एकजुट होकर उसे सबक सिखाएंगे।
धरने में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, शिक्षा मित्र संघ, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक संघ, टीएससीटी शिक्षक संघ, यूटा शिक्षक संघ, अनुदेशक संघ ने प्रतिभाग किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के शिवकुमार सिंह ने अपने पदाधिकारियों सहित उपस्थित होकर समर्थन प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयप्रकाश पांडेय एवं संचालन डा. दुर्गेश प्रताप सिंह, प्रमोद उपाध्याय, मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अंत में मुख्यमंत्री को सात सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया। उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों की मांगों से संबंधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा गया। मांग पूरा किए बगैर आनलाइन उपस्थिति पर दबाव बनाने पर 23 जुलाई को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव, मंत्री इसरार अहमद सिद्दीकी, विरेंद्र यादव, आनंदप्रकाश यादव, पवन गुप्ता, कमलेश यादव, महातिम यादव, राजेश सिंह, डा. राजेश, दिनेश, भगवती तिवारी आदि उपस्थित थे।
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मांगों के समर्थन में भरी हुंकार
गाजीपुर। जिले के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों मरदह, सादात एवं कासिमाबाद के शिक्षक संकुलों ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह चुप बैठने वाले नहीं हैं। इसके बाद दर्जनों शिक्षकों ने नोडल संकुल एवं संकुल शिक्षक के प्रभार से संबंधित बीईओ को सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
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उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों से शिक्षण से इतर कई काम ऑफलाइन मोड में जबरन करवा रही है। परिवार सर्वेक्षण, बाल गणना, जनगणना, मिड-डे-मील, फल-दूध वितरण आदि कार्य ऑफलाइन करने के बाद विद्यालयों में ऑनलाइन ड्यूटी करना समझ से परे है। अगर सरकार ऑनलाइन/डिजिटलाइजेशन चाहती है तो विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू नहीं किया जा रहा है। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि या नियमितीकरण पर सरकार हमारी मांग नहीं मान रही है। चेताया कि अगर सरकार शिक्षकों की मांगों की अनदेखी करेगी तो आगामी विधानसभा चुनाव में शिक्षक एकजुट होकर उसे सबक सिखाएंगे।
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धरने में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, शिक्षा मित्र संघ, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक संघ, टीएससीटी शिक्षक संघ, यूटा शिक्षक संघ, अनुदेशक संघ ने प्रतिभाग किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के शिवकुमार सिंह ने अपने पदाधिकारियों सहित उपस्थित होकर समर्थन प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयप्रकाश पांडेय एवं संचालन डा. दुर्गेश प्रताप सिंह, प्रमोद उपाध्याय, मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अंत में मुख्यमंत्री को सात सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया। उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों की मांगों से संबंधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा गया। मांग पूरा किए बगैर आनलाइन उपस्थिति पर दबाव बनाने पर 23 जुलाई को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव, मंत्री इसरार अहमद सिद्दीकी, विरेंद्र यादव, आनंदप्रकाश यादव, पवन गुप्ता, कमलेश यादव, महातिम यादव, राजेश सिंह, डा. राजेश, दिनेश, भगवती तिवारी आदि उपस्थित थे।
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मांगों के समर्थन में भरी हुंकार
गाजीपुर। जिले के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों मरदह, सादात एवं कासिमाबाद के शिक्षक संकुलों ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह चुप बैठने वाले नहीं हैं। इसके बाद दर्जनों शिक्षकों ने नोडल संकुल एवं संकुल शिक्षक के प्रभार से संबंधित बीईओ को सामूहिक इस्तीफा दे दिया।