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Varanasi News: शिक्षकों को कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरी
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अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में आयोजित शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महामना पंडित मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने कहा कि शिक्षकों को कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसका लाभ विद्यार्थियों को भी होगा।
आईयूसीटीई में द डिजिटल पेडागॉजी: एजुकेटर्स फॉर टुमॉरो विषयक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक ने कहा कि शिक्षकों के जीवन में प्रशिक्षण बहुत जरूरी होता है। यूजीसी में उपसचिव डॉ. निखिल ने कहा कि शिक्षकों के लिए भविष्य-कौशल आवश्यक हैं। संस्थान का उद्देश्य ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। अतिथियों का स्वागत करते हुए आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने कहा कि सीखना महत्वपूर्ण है, लेकिन उसका प्रभावी कार्यान्वयन उससे भी अधिक आवश्यक होता है। कार्यक्रम में श्रीलंका, बेलारूस, कम्बोडिया, घाना, कजाकिस्तान, केन्या, मोज़ाम्बिक, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, रूस सहित 24 देशों के 40 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. राजा पाठक, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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आईयूसीटीई में द डिजिटल पेडागॉजी: एजुकेटर्स फॉर टुमॉरो विषयक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक ने कहा कि शिक्षकों के जीवन में प्रशिक्षण बहुत जरूरी होता है। यूजीसी में उपसचिव डॉ. निखिल ने कहा कि शिक्षकों के लिए भविष्य-कौशल आवश्यक हैं। संस्थान का उद्देश्य ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। अतिथियों का स्वागत करते हुए आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने कहा कि सीखना महत्वपूर्ण है, लेकिन उसका प्रभावी कार्यान्वयन उससे भी अधिक आवश्यक होता है। कार्यक्रम में श्रीलंका, बेलारूस, कम्बोडिया, घाना, कजाकिस्तान, केन्या, मोज़ाम्बिक, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, रूस सहित 24 देशों के 40 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. राजा पाठक, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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