Varanasi: पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों ने रखा उपवास, कहा- नहीं मानी गई मांग तो अक्तूबर में करेंगे आंदोलन
पुरानी पेंशन बहाली के लिए माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। शिक्षकों ने रविवार को भारत माता मंदिर परिसर में उपवास रखकर विरोध जताया।
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए वाराणसी के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने रविवार को भारत माता मंदिर परिसर में उपवास रखकर विरोध जताया। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों के पक्ष में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता सुधांशु शेखर त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उपवास रखा।
सुधांशु ने कहा कि भारत सरकार ने 17 फरवरी 2020 और 03 मार्च 2023 को शासनादेश जारी कर एक जनवरी 2004 के पूर्व चयनित और 22 दिसंबर 2003 के पूर्व विज्ञापित सभी पदों के धारकों को पुरानी पेंशन लेने का विकल्प दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार को भी एक अप्रैल 2005 के पूर्व चयनित और 28 मार्च 2005 के पूर्व विज्ञापित सभी पदों के धारकों को पुरानी पेंशन लेने का विकल्प दिया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर वाराणसी ही नहीं गोरखपुर सहित अन्य जिलों में सामूहिक उपवास रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक माह में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो अक्तूबर में व्यापक स्तर पर सत्याग्रह किया जाएगा। पेंशन संघर्ष मोर्चा के संयोजक वेद कुमार सिंह ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन, धरना, उपवास, घेराव और सत्याग्रह जैसे आंदोलन करने को शिक्षक बाध्य होंगे।
इस दौरान विधानपरिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा भी उनके समर्थन में पहुंचे। उपवास पर बैठे सुधांशु शेखर त्रिपाठी और प्रभाकर द्विवेदी को डॉ. हरेंद्र कुमार राय, चारु चंद्रराम त्रिपाठी ने जूस पिलाकर शाम को उपवास समाप्त कराया।