एसी बसों का किया नॉन एसी में रजिस्ट्रेशन, लाखों की टैक्स चोरी पकड़े जाने से परिवहन विभाग में हड़कंप
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वाहनों के पंजीकरण में भी परिवहन विभाग में बड़ा खेल किया जा रहा है। वाराणसी कार्यालय में चार स्कूली बसों के पंजीकरण में लाखों रुपये का गोलमाल किया गया है। फिटनेस और परमिट जारी करने में भी मानकों की अनदेखी की गई हैं।
कागजों पर टैक्स कम करने के लिए चेचिस(बिना बस तैयार हुए) के सेल लेटर पर ही रजिस्ट्रेशन किया गया और बस बनकर तैयार हुई तो उसमें एसी भी लगाई गई। इतना ही नहीं, ऐसे कई और वाहनों में भी यह खेल किया गया है।
परिवहन विभाग में सितंबर महीने में जेटी सीरीज के पंजीकरण क्रमांक में चार स्कूली बसों का पंजीकरण किया गया। 22 सीटर बसों के पंजीकरण में एक लाख 79 हजार 650 रुपये टैक्स लिया जाना था। मगर चेचिस की कीमत दिखाकर पंजीकरण में एक लाख दो हजार 215 रुपये ही टैक्स लिया गया। एक बस में 77 हजार 135 रुपये की टैक्स चोरी की गई है।
ऐसे ही सितंबर महीने की एक तारीख में चार बसों से तीन लाख आठ हजार 540 रुपये की चपत परिवहन विभाग को लगाई गई है। सूत्रों की मानें तो इन बसों के परमिट और फिटनेस जांच में भी वाहनों के भौतिक सत्यापन के बिना प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर हुए गोलमाल को लेकर कार्यालय में तरह तरह की चर्चाएं हैं। उधर, उपायुक्त परिवहन लक्ष्मीकांत मिश्रा का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। कम टैक्स वसूले जाने से राजस्व हानि बड़ा अपराध है। इसमें शामिल दोषी अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।