{"_id":"56fd861d4f1c1bec4ef00108","slug":"talks-inconclusive-garbage-crisis-deepens","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्ता बेनतीजा, कूड़ा संकट गहराया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्ता बेनतीजा, कूड़ा संकट गहराया
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
आक्रोश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमना डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा गिराने के लिए ग्रामीणों के साथ नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की गुरुवार को हुई वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकला। कूड़े से धुआं उठने से नाराज ग्रामीणों को नगर निगम और प्रशासन की टीम राजी नहीं कर पाई। शहर में लगातार सातवें दिन कूड़ा न उठने से हालात और गंभीर हो गए हैं। तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़े का बैकलाग होने से गली-मुहल्लों में गंदगी और दुर्गंध से हालत बदतर हो गई है। कूड़ा निस्तारण की स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी है लेकिन महापौर से लगायत नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी कोई वैकल्पिक उपाय भी नहीं तलाश पाए हैं।
कूड़े में आग लगने के बाद धुआं और दुर्गंध से परेशान रमना और आसपास के गांवों के लोग चाहते हैं कि नगर निगम और प्रशासन पहले वो सभी व्यवस्थाएं करे जिससे कि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पाए। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हैं और हफ्ते भर से रमना डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण ठप है। शहर में कूड़ा न उठने से हालात बदतर हो गए हैं। कूड़ा घर बजबजा रहे हैं। कूड़ा लदी गाड़ियां निगम कार्यालय परिसर में खड़ी हैं। गली-मुहल्लों में झाड़ू लगाने के बाद जगह-जगह कूड़ा उसी तरह लोगों के घरों के सामने छोड़ दिया जा रहा है। गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान है।
बुधवार की रात पुलिस के सहयोग से रमना में कूड़ा गिराने का प्रयास भी सफल नहीं हो पाया। ग्रामीणों के विरोध के बाद कूड़ा लदी गाड़ियां फिर वहां से वापस आ गईं। इस बीच, गुरुवार को रमना में विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मनाने पहुंचे नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी कोई हल नहीं निकाल पाए। एसीएम प्रथम राजेंद्र सिंह सेंगर, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, सीओ भेलूपुर राजेश श्रीवास्तव और लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने ग्रामीणों से बात की लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कूड़े में आग लगने के बाद धुआं और दुर्गंध से परेशान रमना और आसपास के गांवों के लोग चाहते हैं कि नगर निगम और प्रशासन पहले वो सभी व्यवस्थाएं करे जिससे कि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पाए। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हैं और हफ्ते भर से रमना डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण ठप है। शहर में कूड़ा न उठने से हालात बदतर हो गए हैं। कूड़ा घर बजबजा रहे हैं। कूड़ा लदी गाड़ियां निगम कार्यालय परिसर में खड़ी हैं। गली-मुहल्लों में झाड़ू लगाने के बाद जगह-जगह कूड़ा उसी तरह लोगों के घरों के सामने छोड़ दिया जा रहा है। गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान है।
विज्ञापन
बुधवार की रात पुलिस के सहयोग से रमना में कूड़ा गिराने का प्रयास भी सफल नहीं हो पाया। ग्रामीणों के विरोध के बाद कूड़ा लदी गाड़ियां फिर वहां से वापस आ गईं। इस बीच, गुरुवार को रमना में विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मनाने पहुंचे नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी कोई हल नहीं निकाल पाए। एसीएम प्रथम राजेंद्र सिंह सेंगर, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, सीओ भेलूपुर राजेश श्रीवास्तव और लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने ग्रामीणों से बात की लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
विज्ञापन