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Ropeway Varanasi: रोपवे स्टेशन पर नेत्रहीनों के लिए टेक्टाइल टाइल, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा
Thu, 07 Aug 2025 10:56 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 07 Aug 2025 10:56 AM IST
सार
Varanasi News: काशी भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। रोपवे स्टेशन पर नेत्रहीनों के लिए टेक्टाइल टाइल लगेंगे। वहीं गोंडोला में भी व्हील चेयर पर बैठकर दिव्यांगजन यात्रा कर सकेंगे।
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कैंट रोपवे स्टेशन पर लगा विशेष टेक्सटाइल टाइल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ट्रैफिक की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए काशी में देश का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे बन रहा है। खास बात होगी कि गोंडोला में भी व्हील चेयर पर बैठकर दिव्यांगजन यात्रा कर सकेंगे। दिव्यांगजनों के लिये रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा होगी। रोपवे स्टेशनों पर बेबी फीडिंग रूम, दिव्यांगजनों, नेत्रहीनों की सुगम यात्रा के लिए विशेष सुविधाएं होंगी।
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नेत्रहीनों के लिए विशेष मार्ग दर्शक टेक्टाइल टाइल लगेंगे और ब्रेल लिपि में संकेत लिखे होंगे। शहरी परिवहन के लिए देश के पहले रोपवे संचालन का सौभाग्य काशी को प्राप्त होने वाला है। वाराणसी आने वाले लाखों पर्यटकों को अब कैंट रेलवे स्टेशन से घाटों व मंदिरों तक आसानी और सुरक्षित तरीके से पहुंचने का नया विकल्प मिलेगा। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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सरकार ने रोपवे की यात्रा को महिलाओं, दिव्यांगजनों (नेत्रहीन आदि) के लिए आरामदायक और सुविधायुक्त बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। नेत्रहीन दिव्यांग यात्रियों को रोपवे के सभी स्टेशन पर दाखिल होने से लेकर बाहर निकलने तक टेक्टाइल टाइल गाइड करेगी।
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जमीन पर लगी इस विशेष टाइल में विशेष प्रकार का उभार होता है। इस पर नेत्रहीन दिव्यांगजन चलेंगे। जहां दाहिने या बाएं घूमना होगा, वहां बबल टाइल लगी होगी, जिसे वार्निंग टाइल भी कहते हैं। नेत्रहीनों के टाइल का रंग अन्य टाइल से अलग यानी पीले रंग का होगा, जिस पर आम यात्री न चलें। लिफ्ट के बटन में हर मंजिल के लिए ब्रेल लिपि में अंक अंकित होगा। वहीं दिव्यांग यात्रियों के लिए स्टेशनों पर रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी।
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साथ ही गोंडोला की सीट फोल्ड करके व्हील चेयर के साथ यात्री बैठ सकेंगे। रोपवे स्टेशनों पर बेबी रूम और फीडिंग रूम की व्यवस्था रहेगी, ताकि महिलाएं अपने शिशुओं का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में देखभाल कर सकें।
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साथ ही गोंडोला की सीट फोल्ड करके व्हील चेयर के साथ यात्री बैठ सकेंगे। रोपवे स्टेशनों पर बेबी रूम और फीडिंग रूम की व्यवस्था रहेगी, ताकि महिलाएं अपने शिशुओं का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में देखभाल कर सकें।