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असि तट से बजा स्वच्छता अभियान का बिगुल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 04 May 2016 01:46 AM IST
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अस्सी स्थित रामानुज नगर कॉलोनी में सफाई करते बाबा हरदेव सिंह व अन्य।
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असि नदी के तट से सोमवार को काशी में स्वच्छता अभियान का बिगुल फूंक दिया गया। असि की तलहटी की सफाई की शुरुआत प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रदेश संयोजक बाबा हरदेव सिंह ने की। उनके नेतृत्व में मुहल्ले के लोगों ने नदी किनारे पाटे गए कूड़े को हटाया। बाबा ने कहा कि काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हर वार्ड में अभियान चलाया जाएगा। काशीवासियों को जागरूक किया जाएगा, ताकि प्रधानमंत्री का स्वच्छता का सपना साकार हो सके। यह वही बाबा हरदेव हैं, जिन्होंने 16 साल पहले नगर आयुक्त के रूप में इस शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अपने अभियान से लोकप्रियता बटोरी थी। अब वह पीएम के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
बाबा हरदेव के नेतृत्व में असि नदी की सफाई का अभियान रामानुज नगर कॉलोनी में सुबह सात बजे शुरू हुआ। इसमें छात्रों, युवाओं के साथ नागरिकों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। श्रमदान कर असि नदी की तलहटी में फेंके गया कूड़ा-कचरा हटाया गया। बाबा हरदेव खुद कूड़ा टोकरी में भर रहे थे और दूसरों को प्रेरित कर रहे थे। इस दौरान सैकड़ों टोकरी कूड़ा नदी से उठाया गया। लोगों का कहना था कि नदी में नाला बहाए जाने और गंदगी फेंके जाने से तटीय इलाके में रहना दुश्वार हो गया है। बाबा हरदेव ने लोगों को समझाया कि नदी को स्वच्छ बनाने के लिए इच्छाशक्ति जगानी होगी। खुद को तैयार करना होगा।
उन्होंने बताया कि काशी को स्वच्छ बनाने के लिए वार्ड-वार्ड में अभियान संयोजक बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत हो गई है। इसके बाद हर वार्ड, हर मुहल्ले में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। असि नदी के तट पर शुरू हुए स्वच्छता अभियान में इं. जगन्नाथ ओझा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामंत्री नीरज पांडेय, दीनानाथ शर्मा, शनि चौरसिया,वीरेंद्र मिश्रा, अमर दुबे, रमेश मिश्र, शीबू, माधव, सोनी चौरसिया, सोनल, राधे झा, राजू तिवारी, रवि उपाध्याय समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।
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उध्ार, प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रदेश संयोजक बाबा हरदेव सिंह ने मंगलवार को असि नदी के पुनरुद्धार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि प्राचीन शहर में सीवर और गंदगी की समस्या के पीछे असि नदी की पारिस्थितिकी में बदलाव बड़ी वजह है। इस नदी के सुधार के लिए कारगर योजना बननी चाहिए। इसके लिए वह हर स्तर पर काम करेंगे।
डीरेका, बीएचयू समेत शहर के नालों को बहाए जाने से दुर्दशाग्रस्त हो चुकी असि नदी की तलहटी की सफाई के लिए श्रम दान के बाद अस्सी स्थित पप्पू की अड़ी पर बाबा हरदेव ने अमर उजाला से बातचीत में असि की मुक्ति को लेकर अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह वाराणसी के नगर आयुक्त थे, तब असि नदी को मूल रूप में लाने का प्रयास किया था। उन्होंने बताया कि तब डीरेका समेत शहर के बड़े हिस्से का अवजल असि नदी में बहाया जा रहा था। गंगा एक्शन प्लान के तहत गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई अवजल शोधन के लिए काम कर रही थी। उन्हाेंने जांच की तो पता चला कि काम कुछ हुआ ही नहीं है। इस पर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण इकाई से जवाब भी तलब किया था। पूछा था कि आखिर निर्मलीकरण के नाम पर काम क्या हुआ? बाबा हरदेव ने बताया कि असि नदी के कायाकल्प की उनकी बहुत इच्छा थी। कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटवा कर उन्होंने तलहटी को चौड़ा भी कराया था लेकिन बाद में कतिपय कारणों से यह प्रयास अधूरा रह गया। बाबा हरदेव ने कहा कि असि नदी को नाला मुक्त बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। असि नदी में बहाए जाने वाले नालों की वजह से अनेक समस्याएं पैदा हुई हैं। वह असि की मुक्ति के लिए प्रयास करेंगे।
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बाबा हरदेव के नेतृत्व में असि नदी की सफाई का अभियान रामानुज नगर कॉलोनी में सुबह सात बजे शुरू हुआ। इसमें छात्रों, युवाओं के साथ नागरिकों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। श्रमदान कर असि नदी की तलहटी में फेंके गया कूड़ा-कचरा हटाया गया। बाबा हरदेव खुद कूड़ा टोकरी में भर रहे थे और दूसरों को प्रेरित कर रहे थे। इस दौरान सैकड़ों टोकरी कूड़ा नदी से उठाया गया। लोगों का कहना था कि नदी में नाला बहाए जाने और गंदगी फेंके जाने से तटीय इलाके में रहना दुश्वार हो गया है। बाबा हरदेव ने लोगों को समझाया कि नदी को स्वच्छ बनाने के लिए इच्छाशक्ति जगानी होगी। खुद को तैयार करना होगा।
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उन्होंने बताया कि काशी को स्वच्छ बनाने के लिए वार्ड-वार्ड में अभियान संयोजक बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत हो गई है। इसके बाद हर वार्ड, हर मुहल्ले में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। असि नदी के तट पर शुरू हुए स्वच्छता अभियान में इं. जगन्नाथ ओझा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामंत्री नीरज पांडेय, दीनानाथ शर्मा, शनि चौरसिया,वीरेंद्र मिश्रा, अमर दुबे, रमेश मिश्र, शीबू, माधव, सोनी चौरसिया, सोनल, राधे झा, राजू तिवारी, रवि उपाध्याय समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।
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उध्ार, प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रदेश संयोजक बाबा हरदेव सिंह ने मंगलवार को असि नदी के पुनरुद्धार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि प्राचीन शहर में सीवर और गंदगी की समस्या के पीछे असि नदी की पारिस्थितिकी में बदलाव बड़ी वजह है। इस नदी के सुधार के लिए कारगर योजना बननी चाहिए। इसके लिए वह हर स्तर पर काम करेंगे।
डीरेका, बीएचयू समेत शहर के नालों को बहाए जाने से दुर्दशाग्रस्त हो चुकी असि नदी की तलहटी की सफाई के लिए श्रम दान के बाद अस्सी स्थित पप्पू की अड़ी पर बाबा हरदेव ने अमर उजाला से बातचीत में असि की मुक्ति को लेकर अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह वाराणसी के नगर आयुक्त थे, तब असि नदी को मूल रूप में लाने का प्रयास किया था। उन्होंने बताया कि तब डीरेका समेत शहर के बड़े हिस्से का अवजल असि नदी में बहाया जा रहा था। गंगा एक्शन प्लान के तहत गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई अवजल शोधन के लिए काम कर रही थी। उन्हाेंने जांच की तो पता चला कि काम कुछ हुआ ही नहीं है। इस पर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण इकाई से जवाब भी तलब किया था। पूछा था कि आखिर निर्मलीकरण के नाम पर काम क्या हुआ? बाबा हरदेव ने बताया कि असि नदी के कायाकल्प की उनकी बहुत इच्छा थी। कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटवा कर उन्होंने तलहटी को चौड़ा भी कराया था लेकिन बाद में कतिपय कारणों से यह प्रयास अधूरा रह गया। बाबा हरदेव ने कहा कि असि नदी को नाला मुक्त बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। असि नदी में बहाए जाने वाले नालों की वजह से अनेक समस्याएं पैदा हुई हैं। वह असि की मुक्ति के लिए प्रयास करेंगे।