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मुस्लिम स्वयं हिंदुओं को सौंप दें जन्मभूमि और मंदिर बनाने में करें सहयोग: स्वरूपानन्द सरस्वती
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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काशी में आयोजित धर्म संसद के समापन के बाद परम धर्माधीश ज्योतिष और शारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में रामलला का मंदिर बन कर रहेगा, लेकिन वह राम आदर्श राम का नहीं बल्कि आराध्य देव राम का होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब मुस्लिम स्वयं हिंदुओं को जन्मभूमि सौंप दें और मंदिर बनाने में सहयोग करें।
जन्म स्थान पर कोई परिवर्तन संभव नहीं है और मंदिर बनना भी तय है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की धर्म सभा में जुटने वाले राम को मनुष्य मानने वाले थे जो राम का पुतला बनाने में रुचि रखते है ना कि रामलला के मंदिर बनाने में। स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि न्यायालय से अनुरोध और लोगों के सहयोग से अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाएगा।
इसमें वेद शास्त्र और वास्तु शास्त्र से मंदिर में आराध्य राम के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। कहा कि सनातनी परंपरा में देश की दशा और दिशा को लेकर आयोजित इस धर्म संसद में कई विषयों पर चर्चा हुई। इसमें प्रमुख चर्चा राम मंदिर को लकर हुई है।
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राजनीतिक पार्टियां कभी भी राम मंदिर नहीं बनाएंगी वे अपना स्वार्थ सिद्घ कर रही है, लेकिन मैं संत समाज के साथ मिलकर न्यायालय से गुहार करूंगा और सबको साथ लेकर राम मंदिर बनाऊंगा। यही नहीं इस राम मंदिर को वेद शास्त्र और वास्तु शास्त्र से प्राण प्रतिष्ठा कराकर बनाऊंगा।
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जन्म स्थान पर कोई परिवर्तन संभव नहीं है और मंदिर बनना भी तय है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की धर्म सभा में जुटने वाले राम को मनुष्य मानने वाले थे जो राम का पुतला बनाने में रुचि रखते है ना कि रामलला के मंदिर बनाने में। स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि न्यायालय से अनुरोध और लोगों के सहयोग से अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाएगा।
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इसमें वेद शास्त्र और वास्तु शास्त्र से मंदिर में आराध्य राम के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। कहा कि सनातनी परंपरा में देश की दशा और दिशा को लेकर आयोजित इस धर्म संसद में कई विषयों पर चर्चा हुई। इसमें प्रमुख चर्चा राम मंदिर को लकर हुई है।
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राजनीतिक पार्टियां कभी भी राम मंदिर नहीं बनाएंगी वे अपना स्वार्थ सिद्घ कर रही है, लेकिन मैं संत समाज के साथ मिलकर न्यायालय से गुहार करूंगा और सबको साथ लेकर राम मंदिर बनाऊंगा। यही नहीं इस राम मंदिर को वेद शास्त्र और वास्तु शास्त्र से प्राण प्रतिष्ठा कराकर बनाऊंगा।
हिंदुओं को बरगलाया जा रहा है
स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि हिंदुओं को धर्म के नाम पर बरगलाया जा रहा है। कोई उन्हें दस दस बच्चे पैदा करने की नसीहत दे रहा तो कोई नये नये भगवान की पूजा करने के लिए। उन्होंने कहा कि हिंदु बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं, हम संयम और सदाचार के पोषक है। धर्म के नाम पर सभी भारतीय एक है और एक रहेंगे चाहे वह किसी भी जाति का हो।
भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति को बचाना हमारा कर्तव्य है। कुछ लोग अब अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ की तैयारी में है, तो क्या वह वहां तांबें का घोड़ा लायेंगे। जब कोई काम विधि पूर्वक ना हो तो उसमें अनिष्ट हो ही जाता है। यह आयोजन किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि सौ करोड़ सनातनियों की अधर्म से रक्षा करने के लिए किया गया है।
भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति को बचाना हमारा कर्तव्य है। कुछ लोग अब अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ की तैयारी में है, तो क्या वह वहां तांबें का घोड़ा लायेंगे। जब कोई काम विधि पूर्वक ना हो तो उसमें अनिष्ट हो ही जाता है। यह आयोजन किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि सौ करोड़ सनातनियों की अधर्म से रक्षा करने के लिए किया गया है।
विकास के नाम पर धर्म पर चोट
रामजन्मभूमि न्यास के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवमुरारी बापू ने कहा कि केंद्र सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाए। धर्मसंसद में कहा कि अपने वायदों से केंद्र व राज्य सरकार मुकर रही है। राम मंदिर निर्माण पर सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। वर्तमान में राम मंदिर का निर्माण आवश्यक है ताकि विवाद समाप्त हो और भाईचारा एकता कायम रहे।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणी ने 2019 में राम नहीं तो सरकार नहीं। सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए। जिस प्रकार जीएसटी बिल और तीन तलाक पर बिल पारित करवाया। उसी तरह रामलला का भी मंदिर बिल पारित कर बनवाएं। काशी में जो मंदिर व मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं वह गलत है। विकास के नाम पर धर्म पर चोट पहुंच रहा है।