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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रज्ञानानंद गिरी महाराज बने आचार्य महामंडलेश्वर
Wed, 13 Mar 2019 11:58 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:58 AM IST
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पट्टाभिषेकम करते अखाड़े के लोग
- फोटो : amar ujala
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ज्योतिष और द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पिछले दो महीने से काशी में ही है। इसी क्रम में बुधवार सुबह उनके शिष्य स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी महाराज का आचार्य महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेकम हुआ।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी महाराज का पंचायती अखाड़ा निरंजनी में आचार्य महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेकम बड़ी धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र महाराज की देखरेख में बुधवार को चेतसिंह किला में आयोजित किया गया।
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इसकी अध्यक्षता शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से स्वयं की। इस समारोह में साक्षी निरंजन ज्योति ने भी शिरकत की। इसके साथ ही वहां पर कई साधु-संत मौजूद रहे, जो इस पट्टाभिषेक के साक्षी बने।
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स्वरूपानंद सरस्वती ने काशी में ही रखी थी राम मंदिर निर्माण की नींव
swami swaroopanand saraswati
- फोटो : amar ujala
बता दें कि इसके पहले 21 जनवरी को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए वाराणसी में नींव रखी थी। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का नक्शा भी जनता के सामने प्रस्तुत किया था।
अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के संकल्प के अनुसार शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने वाराणसी के विद्या मठ में नंदा, भद्रा, जया, और पूर्णा नामक चांदी की ईंटें रखी कर राम मंदिर का शिलान्यास किया था।
अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के संकल्प के अनुसार शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती(swami swaroopanand saraswati) ने वाराणसी के विद्या मठ में नंदा, भद्रा, जया, और पूर्णा नामक चांदी की ईंटें रखी कर राम मंदिर का शिलान्यास किया था।