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हाईकोर्ट जाएंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सात साल पुराने अन्याय प्रतिकार यात्रा का मामला, वकील ने दी जानकारी

Sat, 29 Oct 2022 01:15 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 29 Oct 2022 01:15 PM IST
सार

अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता रमेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी के लिए आवेदन किया जाएगा। 30 दिन के अंदर अर्जी दाखिल की जा सकती है।
 

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Swami Avimukteshwaranand will go to the High Court The case of seven year old anyay pratikar yatra
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सात साल पुराने अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाईकोर्ट जाएंगे। उनके अधिवक्ता रमेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी के लिए आवेदन किया जाएगा। 30 दिन के अंदर अर्जी दाखिल की जा सकती है।
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बता दें कि शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत ने अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने किया। 
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वहीं, इस मामले में आरोपी महंत बालक दास और संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा की ओर से भी जिला जज की अदालत में दाखिल अंतरिम जमानत अर्जी को जिला जज ने खारिज कर दी। अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तिथि नियत की है।
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Swami Avimukteshwaranand will go to the High Court The case of seven year old anyay pratikar yatra
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : सोशल मीडिया

प्रतिकार यात्रा के दौरान हुआ था भारी बवाल

वर्ष 2015 में गणेश प्रतिमा के गंगा में विसर्जन नहीं करने के विरोध में निकाले गए प्रतिकार यात्रा के दौरान हुए बवाल में दशाश्वमेध थाने में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में बीते दिनों अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, महंत संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, महंत बालक दास सहित 25 लोगों को फरार घोषित किया था।

साथ ही, सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति के कुर्की का आदेश पुलिस को दिया था। अदालत ने कहा था कि इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एडीसीपी काशी जोन कोर्ट में पेश करेंगे। कोर्ट के सख्त रुख के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन पत्र दाखिल किया गया था।

Swami Avimukteshwaranand will go to the High Court The case of seven year old anyay pratikar yatra
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

अदालत ने क्यों खारिज की अग्रीम जमानत अर्जी

अदालत ने कहा कि 7 वर्ष पुराने मामले में अविमुक्तेश्वरानंद को कोर्ट में तलब किये जाने के बावजूद पेश नहीं होने पर पहले गैर जमानती वारंट फिर फरार घोषित किया गया। इसके बाद भी हाजिर नहीं होने पर कुर्की का आदेश कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 83 के तहत जारी किया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्तों को देखते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं बनता और अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है। कोर्ट के ऑर्डर के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 

 गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्तूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउनहाल मैदान से निकली प्रतिकार यात्रा में भगदड़, आगजनी, बवाल हुआ था।
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