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आईभक्ति की जमानत राशि वापस
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 09 May 2016 01:46 AM IST
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विश्वनाथ मंदिर
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फिल्म अभिनेता डिनो मॉरियो से काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने रिश्ता पूरी तरह से खत्म कर लिया है। बाबा के भक्तों को घर बैठे ऑनलाइन प्रसाद पहुंचाने, पूजा-आरती कराने का नियम विरुद्ध ठेका लेने के बाद विवादों में घिरी डिनो की कंपनी आईभक्ति का हिसाब चुकता कर दिया गया है। प्रभारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह ने आईभक्ति की जमानत राशि वापस किए जाने की पुष्टि की है। न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी के घर पर डिनो के साथ करीब सवा घंटे की मुलाकात भी हुई। इस दौरान अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि मंदिर न्यास अधिनियम के विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद आईभक्ति के दोबारा कदम बढ़ाने को लेकर कयासों पर विराम लग गया है। करार खत्म होने के बाद आईभक्ति की पांच लाख रुपये जमानत राशि वापस करने की प्रक्रिया शनिवार को सीईओ ने पूरी करा दी। प्रभारी सीईओ ने जमानत राशि वापसी के कागज पर दस्तखत किए। काशी पहुंचे अभिनेता डिनो ने दोपहर बाद करीब 1:30 बजे न्यास परिषद अध्यक्ष से उनके घर पर मुलाकात की। डिनो ने अध्यक्ष के सामने स्वीकार किया कि आईभक्ति के ऑनलाइन प्रसाद के करार में नियमों का पालन नहीं हुआ। डिनो ने न्यास अध्यक्ष के घर दोपहर का भोजन भी किया।
गौरतलब है कि न्यास परिषद में प्रस्ताव लाए बिना ऑनलाइन प्रसाद पहुंचाने, आरती दिखाने का ठेका लेने के चलते अभिनेता डिनो मॉरियो की कंपनी सुर्खियों में रही। बिना प्रक्रिया अपनाए मंदिर प्रशासन के साथ ऑनलाइन धंधे का करार विवादों के कारण टूटा ही नहीं, न्यास परिषद अध्यक्ष को निलंबन का भी सामना करना पड़ा था। बखेड़ा बढ़ने पर अंतत: शासन बैकफुट पर आ गया और अध्यक्ष को बहाल करना पड़ा था।
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दोबारा कोई प्रस्ताव नहीं मिला
प्रभारी सीईओ ने बताया कि आई भक्ति की ओर से ऑनलाइन प्रसाद बेचने के लिए दोबारा कोई प्रस्ताव नहीं आया है। कहा, अगर इस तरह का कोई प्रस्ताव फिर आता है तो उसे न्यास परिषद में चर्चा के लिए रखा जाएगा।
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इस घटनाक्रम के बाद आईभक्ति के दोबारा कदम बढ़ाने को लेकर कयासों पर विराम लग गया है। करार खत्म होने के बाद आईभक्ति की पांच लाख रुपये जमानत राशि वापस करने की प्रक्रिया शनिवार को सीईओ ने पूरी करा दी। प्रभारी सीईओ ने जमानत राशि वापसी के कागज पर दस्तखत किए। काशी पहुंचे अभिनेता डिनो ने दोपहर बाद करीब 1:30 बजे न्यास परिषद अध्यक्ष से उनके घर पर मुलाकात की। डिनो ने अध्यक्ष के सामने स्वीकार किया कि आईभक्ति के ऑनलाइन प्रसाद के करार में नियमों का पालन नहीं हुआ। डिनो ने न्यास अध्यक्ष के घर दोपहर का भोजन भी किया।
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गौरतलब है कि न्यास परिषद में प्रस्ताव लाए बिना ऑनलाइन प्रसाद पहुंचाने, आरती दिखाने का ठेका लेने के चलते अभिनेता डिनो मॉरियो की कंपनी सुर्खियों में रही। बिना प्रक्रिया अपनाए मंदिर प्रशासन के साथ ऑनलाइन धंधे का करार विवादों के कारण टूटा ही नहीं, न्यास परिषद अध्यक्ष को निलंबन का भी सामना करना पड़ा था। बखेड़ा बढ़ने पर अंतत: शासन बैकफुट पर आ गया और अध्यक्ष को बहाल करना पड़ा था।
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दोबारा कोई प्रस्ताव नहीं मिला
प्रभारी सीईओ ने बताया कि आई भक्ति की ओर से ऑनलाइन प्रसाद बेचने के लिए दोबारा कोई प्रस्ताव नहीं आया है। कहा, अगर इस तरह का कोई प्रस्ताव फिर आता है तो उसे न्यास परिषद में चर्चा के लिए रखा जाएगा।