फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sunil vishwakarma of Kashi received honor after becoming President of Uttar Pradesh State Lalit Kala Academy

UP: उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष बने काशी के सुनील, रतिशंकर, दिनेश और सोनी को मिला ये सम्मान

Sat, 07 Sep 2024 06:10 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 07 Sep 2024 06:10 PM IST
सार

Varanasi News: उत्तर प्रदेश प्रदेश शासन की ओर से इन लोगों को पत्र भी जारी किया गया है। शहर के समाजसेवियों ने भी कलाकारों को इस सम्मान के लिए बधाई दी है।

विज्ञापन
Sunil vishwakarma of Kashi received honor after becoming President of Uttar Pradesh State Lalit Kala Academy
काशी का बढ़ाया मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी। प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग ने शनिवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी, ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और बिरजू महाराज कथक संस्थान के पदाधिकारियों की घोषणा की। इसमें बनारस के रंगकर्मी डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी को भारतेंदु नाट्य अकादमी का अध्यक्ष, काशी विद्यापीठ के डॉ. सुनील विश्वकर्मा को ललित कला अकादमी का अध्यक्ष बनाया गया है।

विज्ञापन


शनिवार को प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम की ओर से जारी पत्र के अनुसार राज्य ललित कला अकादमी की सामान्य परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामित किया गया है। लंबे अंतराल के बाद अकादमी के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की सामान्य परिषद में बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय के डॉ. ज्ञानेश चंद्र और महिला महाविद्यालय के ललित कुमार को सदस्य नामित किया गया है। बिरजू महाराज कथक संस्था की सामान्य परिषद में सोनी सेठ को सदस्य बनाया गया है। भारतेंदु नाट्य अकादमी की सामान्य परिषद के अध्यक्ष ख्यात रंगकर्मी डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी को अध्यक्ष और दिनेश श्रीवास्तव को सदस्य नामित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अकादमी की गतिविधियों को करेंगे तेज, मिलेगा कलाकारों को मंच
ललित कला अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि कई साल बाद अकादमी में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई है। अकादमी की गतिविधियों को तेज करना और वार्षिक कैलेंडर के अनुसार काम करना मेरी प्राथमिकता होगी। उदीयमान कलाकारों को आगे बढ़ाने और वरिष्ठ कलाकारों को संरक्षित करने के साथ ही कला समाज को लाभ पहुंचाने का प्रयास होगा। विविध प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ ही कलाकारों को मंच प्रदान कराया जाएगा।

दायित्वों का करेंगे निष्ठा से निर्वहन : डॉ. रतिशंकर
भारतेंदु नाट्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि शासन का निर्देश और निर्णय स्वागतयोग्य है। मुझे जो भी दायित्व मिला है उसका निर्वहन निष्ठा के साथ करने का प्रयास करेंगे। संस्थान पहुंचने के बाद वहां की जो भी आवश्यकता उसके अनुसार बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास करेंगे। 

भारतेंदु नाट्य अकादमी को और ऊंचाई पर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। वहां के विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षण व प्रशिक्षण के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। बीएचयू के शोध छात्र रहे डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी 1976 से प्रदेश के रंगमंच पर एक जाना माना नाम हैं। हॉलीवुड के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में भी उन्होंने अभिनय किया है।

जब तक जान रहेगी नाटक से जुड़े रहेंगे
भारतेंदु नाट्य अकादमी की सामान्य परिषद के सदस्य दिनेश श्रीवास्तव ने कहा कि नई जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। जब तक जान रहेगी नाटक से जुड़े रहेंगे। रेलवे से 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह रंगमंच की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 1984 में वह रंगमंच से जुड़े और सिलसिला अनवरत जारी है। रंगमंच के अलावा रेडियो और दूरदर्शन से भी वह जुड़े रहे।

गुरु के आशीर्वाद का है परिणाम
बिरजू महाराज कथक संस्था में सदस्य बनाए जाने पर सोनी सेठ ने कहा कि यह बाबा विश्वनाथ जी, गुरु माता प्रसाद जी का आशीर्वाद और मेहनत का फल है। मुझे जो नई जिम्मेदारी मिली है उसको बेहतर ढंग से निभाने का प्रयास करेंगे।

बाबा का आशीर्वाद, काशीवासियों का प्रेम मिला
तबला कलाकार ललित कुमार ने कहा कि संगीत नाटक अकादमी में मेरा चयन होना मेरे गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद है। मेरे लिए यह बाबा का आशीर्वाद और काशी के संगीत प्रेमियों का प्रेम है कि एक नई जिम्मेदारी का निर्वहन करने को मिला। अकादमी के मंच से संगीत की साधना को आगे ले जाने और युवा पीढ़ी को संगीत की विधाओं में जोड़े रखने की दिशा में विशेष प्रयास किया जाएगा।

कला, कलाकारों के संरक्षण की दिशा में करेंगे काम
बीएचयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश चंद्र पांडेय ने कहा कि मुझे मिलने वाली यह जिम्मेदारी काशी के कला साधकों का सम्मान है। कला संगीत के क्षेत्र में काशी की एक अलग पहचान है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए संगीत नाटक अकादमी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों के सहयोग से आगे ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाउंगा। कला और कलाकारों के संरक्षण की दिशा में भी सरकार के सहयोग से इसके संवर्धन की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed