अपराजिता कार्यक्रम में पुलिस की पाठशाला, कुछ करने की मन में ठान लें तो सफलता कदम चूमेगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘सूरज न बन पाए अगर, बनके दीपक जलता चल, फूल मिले या अंगारे, तू सच की राहों पर चलता चल।’ इन्हीं पंक्तियों के साथ बढ़ते अपराध पर सचेत करते हुए गाजीपुर के पुलिस कप्तान डा. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि महिलाओं-छात्रों को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहना होगा। कहा कि अब स्कूलों, कोचिंग सेंटरों के पास मारपीट, छेड़खानी, छींटाकशी और फब्तियां कसने वाले बच नहीं पाएंगे, क्योंकि पुलिस जल्द ‘शक्ति मोबाइल’ सेवा शुरू करने जा रही है। यह कोचिंग सेंटर और स्कूलों के इर्द-गिर्द भ्रमण करता रहेगा।
मौका था अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ का। सनबीम स्कूल महराजगंज में गुरुवार को हुए आयोजन में छात्राओं को संबोधित करते हुए एसपी ने कहा कि अब छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा पर समाज जागरूक हुआ है। बेटियां जिस क्षेत्र में जाना चाहें, जा सकती हैं। उन्हें सफलता न भी मिले तो निराश होने की जरूरत नहीं है। परिश्रम जारी रखना चाहिए।
अगर आप कुछ करने की क्षमता रखते हैं, तो मन में ठान लीजिए। तब दुनिया की कोई ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक पाएगी। उन्होंने छात्राओं को सेफ्टी टिप्स दिए। बताया कि मुसीबत के वक्त पुलिस की महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर फोन कर जानकारी दें।
उन्होंने टोल फ्री नंबर यूपी 100, आग लगने पर फायर स्टेशन नंबर 101, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 के बारे में जानकारी दी। एकीकृत आपात सेवा 112 और वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा (सवेरा) जैसे कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। कहा, महिला हो या पुरुष, सुरक्षा की जरूरत सभी को है। खासकर लड़कियों को बाइक और स्कूटी चलाते वक्त हेलमेेट पहनना चाहिए। अगर छात्रा इसका पालन करती है, तो वह इसके लिए अभिभावकों और रिश्तेदारों को ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों को भी प्रेरित करे।
इस पहल से अगर एक भी जान बच जाती है, तो यह कोशिश सार्थक होगी। कहा कि दुर्घटना के समय लोग सबसे पहले पुलिस को याद करते हैं। सूचना पाते ही पुलिस उनकी मदद में जुट जाती है। पुलिस के साथ ही एंबुलेंस भी पहुंचती है, जो लोगों को तत्काल इलाज के लिए ले जाती है। अगर कहीं आग लगने की घटना हो, तो फायर स्टेशन को सूचना दी जाती है। तब आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचता है।
विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी नगर ओजस्वी चावला ने कहा कि पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। अपराध पर नियंत्रण भी हुआ है। सनबीम स्कूल के संरक्षक केपी सिंह ने कहा कि अपराजिता के तहत महिलाओं को जागरूक करने का सिलसिला जनपद में लंबे समय से चल रहा है। यह आगे भी जारी रहना चाहिए।
विद्यालय के डायरेक्टर नवीन सिंह ने कहा कि महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी से छात्राओं को आत्मबल मिला है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत श्रेयसी तिवारी और श्वेता सिंह ने स्वागत गीत गाकर किया। जबकि राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर विद्यालय के सह डायरेक्टर प्रवीण सिंह, सीओ सिटी ओजस्वी चावला, यातायात निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी, शहर कोतवाल धनंजय मिश्रा मौजूद रहे। संचालन डा. शरद कुमार वर्मा ने किया। इस मौके पर 1500 से अधिक छात्राएं मौजूद थीं।
खाली बस और आटो में न बैठें
एसपी ने कहा कि महिलाएं अगर किसी जगह अनजान हैं, तो भी किसी को यह न दर्शाएं कि वह वहां के बारे में नहीं जानती हैं। कभी सुनसान रास्ते से न गुजरें और न ही खाली बस और आटो में बैठें। किसी वाहन में बैठने से पहले उसके चालक को जरूर अच्छी तरह से देखें और पहचान लें। संभव हो तो वाहन की फोटो भी खींच लें। उस फोटो में गाड़ी का नंबर स्पष्ट दिखाई दे। अनजान लोगों को अपना-नाम पता और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियां न दें।