सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री आज भी नजरबंद: ज्ञानवापी में पूजा के लिए आ रही थीं, हिंदू सेना के अध्यक्ष गिरफ्तार
सावन के अंतिम सोमवार पर ज्ञानवापी परिसर में जलाभिषेक संबंधित हिंदूवादी नेता के आह्वान पर सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी बोस वाराणसी आ रहीं थीं। रविवार को प्रयागराज स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी बोस आज भी प्रयागराज में नजरबंद हैं। दिल्ली से वाराणसी आने के दौरान रविवार को प्रयागराज में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। सावन के अंतिम सोमवार पर ज्ञानवापी परिसर में जलाभिषेक संबंधित हिंदूवादी नेता के आह्वान पर वो वाराणसी आ रही थीं।
इधर, ज्ञानवापी में जलाभिषेक का एलान करने वाले विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके चार समर्थकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अस्सी घाट से गंगा जल लेने के दौरान ही पुलिस ने अरुण पाठक गिरफ्तार कर लिया। अरुण पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
अरुण पाठक ने किया था ज्ञानवापी में जलाभिषेक का एलान
भेलूपुर थाना क्षेत्र निवासी अरुण पाठक ने एलान किया था वो हर वर्ष ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी के जलाभिषेक के लिए अस्सी घाट से जल भरकर बाबा दरबार जाने के लिए निकलते हैं। इस बार भी जब ज्ञानवापी परिसर के अंदर आदि विशेश्वर के मिलने की पुष्टि हो गई है तो जलाभिषेक करना जरूरी है।
उनके इस एलान में कई अखाड़ों के संत और महामंडलेश्वर के साथ नेता सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री भी शामिल हो गईं। वो रविवार को वंदे भारत ट्रेन से वाराणसी आ रही थीं तो प्रयागराज स्टेशन पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में रखा गया है।
हिंदूवादी नेता के ज्ञानवापी में जलाभिषेक के एलान से पुलिस चौकस थी। कमिश्नरेट पुलिस ने भी कोर्ट में श्रृंगार गौरी का मामला होने की वजह बताते हुए इस पूरे आयोजन को गैर परंपरागत करार दिया था। विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले विश्व हिंदू सेना के प्रमुख अरुण पाठक पर कई मुकदमे दर्ज हैं। लंबे से समय से पुलिस को तलाश थी। सोमवार को अरुण को अस्सी घाट से गिरफ्तार कर लिया गया।
अरुण पाठक भरोसा करने लायक नहीं : महामंडलेश्वर हेमांगी सखी
देश की पहली किन्नर महामंडलेश्वर हेमांगी सखी ने विश्व हिंदू सेना के प्रमुख अरुण पाठक पर जमकर निशाना साधा है। वीडियो जारी कर कहा कि अरुण पाठक विश्वास करने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अरुण पाठक की ओर से सावन के अंतिम सोमवार पर अनुष्ठान के लिए आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और सहयोग करने की बात कही गई। हालांकि यह नहीं बताया गया कि पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। वाराणसी आने के बाद उनको यह जानकारी मिली। बताया कि अरुण ने उनके किसी परिचित से संपर्क कर आमंत्रित किया था। महामंडलेश्वर हेमांगी सखी ने वाराणसी के एक होटल से अपना बयान जारी किया है।