काशी विद्यापीठ: छात्रों को 40 प्रतिशत से कम और 80 फीसदी से ज्यादा अंक नहीं मिलेंगे, ओएमआर शीट पर होंगी परीक्षाएं
परीक्षा समिति ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर ही पेपर का निर्माण कराने का निर्देश दिया। इसमें पेपर की चार सीरीज होंगे और प्रश्नों के क्रम में परिवर्तन होंगे।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातक प्रथम सेमेस्टर के स्किल डेवलपमेंट पाठ्यक्रम में 40 फीसदी से कम और 80 फीसदी से ज्यादा अंक नहीं मिलेंगे। अगर किसी छात्र को 80 फीसदी से ज्यादा और 40 फीसदी से कम अंक मिलते हैं तो परीक्षक को उसका कारण भी स्पष्ट करना होगा।
सम सेमेस्टर के सभी विषयों की परीक्षा ओएमआर पद्धति से कराने पर भी सहमति बनी सोमवार को काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी की अध्यक्षता में प्रशासनिक भवन स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन समिति कक्ष में परीक्षा समिति की आपात बैठक हुई।
परीक्षा समिति ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर की माइनर विषयों की परीक्षा द्वितीय सेमेस्टर के साथ कराने की स्वीकृति प्रदान की। सदस्यों ने बताया कि विधि में माइनर विषय प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर अलग हैं तब समिति ने कहा कि विधि के माइनर विषय को द्वितीय सेमेस्टर में ही कराया जाए परंतु प्रश्नपत्र के दो भाग कर दिए जाएं, ताकि दोनों सेमेस्टर का पाठ्यक्रम सम्मिलित हो जाए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट कोर्स के प्रश्नपत्र कराने पर भी समिति ने निर्णय लिया कि उक्त परीक्षा विश्वविद्यालय को विभाग स्तर पर एवं संबद्ध महाविद्यालय अपने स्तर पर कराएंगे। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अपने-अपने प्रश्नपत्र स्वयं तैयार करेंगे।
प्रश्नपत्र के प्रारूप, आंतरिक निर्धारण एवं परीक्षा के लिए विभाग एवं महाविद्यालय स्वतंत्र होंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि के अंदर छात्रों को दिए जाने वाले अंक को विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं महाविद्यालय के प्राचार्य की होगी।
परीक्षाफल घोषित होने के छह माह तक उत्तर पुस्तिका को संरक्षित करके रखना होगा। परीक्षा समिति ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर ही पेपर का निर्माण कराने का निर्देश दिया। इसमें पेपर की चार सीरीज होंगे और प्रश्नों के क्रम में परिवर्तन होंगे। एक घंटे के प्रश्नपत्र में 50 प्रश्न होंगे।