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मेन्यू के हिसाब से खाना न मिलने पर छात्रों का हंगामा
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय सातो महुआ पश्चिमपुर में मेन्यू के हिसाब से खाना न मिलने पर छात्रों ने सोमवार सुबह हंगामा किया। साथ ही प्रधानाचार्य पर सही तरीके से पढ़ाई न कराने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर व्यवस्था में सुधार की मांग की।
छात्रों ने बताया कि मेन्यू में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, घी, मक्खन, ब्रेड, मौसमी फल है, लेकिन दाल पानी जैसा मिल रहा है। सब्जी में केवल आलू बनता है। न तो तेल और न ही मसाले का पता होता है। दूध के नाम पर केवल पानी ही मिलता है। प्रधानाचार्य से भी कई बार शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने प्रधानाचार्य पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा घर से आकर परीक्षा देने का दबाव बनाया जाता है। कोई गाजीपुर का है तो कोई भदोही, जौनपुर और अन्य जगहों का है। बताया कि प्रधानाचार्य को केमेस्ट्री पढ़ाने की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन वह कभी क्लास नहीं लेते।
वहीं, इस मामले में प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जितना संभव हो सकता है बच्चों को समय से नाश्ता, भोजन कराया जाता है, शिक्षा भी दी जाती है। 300 से 400 बच्चों को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य है। अध्यापक, वार्डन या रसोइयां हो। सभी को अपने नैतिक जिम्मेदारी को समझना होगा।
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छात्रों ने बताया कि मेन्यू में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, घी, मक्खन, ब्रेड, मौसमी फल है, लेकिन दाल पानी जैसा मिल रहा है। सब्जी में केवल आलू बनता है। न तो तेल और न ही मसाले का पता होता है। दूध के नाम पर केवल पानी ही मिलता है। प्रधानाचार्य से भी कई बार शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने प्रधानाचार्य पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा घर से आकर परीक्षा देने का दबाव बनाया जाता है। कोई गाजीपुर का है तो कोई भदोही, जौनपुर और अन्य जगहों का है। बताया कि प्रधानाचार्य को केमेस्ट्री पढ़ाने की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन वह कभी क्लास नहीं लेते।
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वहीं, इस मामले में प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जितना संभव हो सकता है बच्चों को समय से नाश्ता, भोजन कराया जाता है, शिक्षा भी दी जाती है। 300 से 400 बच्चों को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य है। अध्यापक, वार्डन या रसोइयां हो। सभी को अपने नैतिक जिम्मेदारी को समझना होगा।
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