फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Students start protesting at BHU main gate, demand to withdraw the suspension order of 13 students

Varanasi: बीएचयू सिंहद्वार पर छात्रों का प्रदर्शन शुरू, 13 छात्रों के निलंबन का आदेश वापस लेने की मांग

Mon, 07 Oct 2024 04:04 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Mon, 07 Oct 2024 04:04 PM IST
सार

बीते दिन बीएचयू के 13 छात्रों के निलंबन का मामला अब और भी गर्म होने लगा है। बीएचयू सिंहद्वार पर छात्र संगठनों से जुड़े हुए छात्र प्रदर्शन कर बीएचयू प्रशासन से निलंबित छात्रों की बहाली की मांग कर रहे हैं। आज के प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू के छात्र भी विरोध में इनके साथ आ गए हैं। सुरक्षा तंत्र ने अपने कान खड़े कर लिए हैं।

विज्ञापन
Students start protesting at BHU main gate, demand to withdraw the suspension order of 13 students
बीएचयू सिंहद्वार पर प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बीएचयू के निलंबित 13 छात्रों के समर्थन में जेएनयू और लखनऊ से कैंपस में आए नेताओं का गुस्सा फूटा। सोमवार को न्याय मार्च और सभा के दौरान 500 से ज्यादा छात्र और नेता सिंह द्वार पर उमड़े थे। हाथ में आईआईटी-बीएचयू गैंगरेप के आरोपियों की तस्वीरें और संविधान के कवर की एक प्रतीकात्मक कॉपी लेकर नारेबाजी कर रहे थे। लगातार दो घंटे तक एक सुर में छात्र और छात्राओं का निलंबन वापस लेने की मांग करते रहे। कहा कि बीएचयू प्रशासन या तो इन छात्रों का निलंबन वापस ले या एक लंबी लड़ाई को तैयार रहे।

विज्ञापन


बीएचयू गेट पर सभा के बाद छात्रों ने लंका गेट से रविदास गेट होते हुए वापस लंका तक न्याय मार्च निकाला। इस दौरान लंका से लेकर आईएमएस गेट और आसपास की सड़कों पर भयानक जाम लग गया। सुरक्षा व्यवस्था न बिगड़े, एहतियान तीन ट्रक भरकर आरआरएफ जवानों को तैनात कर दिया गया था। इस दौरान तमाशबीन भी वहां खड़े दिखे।
विज्ञापन





आपको बता दें कि बीएचयू में छात्रों के निलंबन के बाद लगातार उनकी बहाली की मांग को लेकर छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं अब अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस प्रदर्शन से जुड़ रहे है। सूत्रों की माने तो प्रदर्शन को लेकर सुरक्षातंत्र ने अपने कान खड़े कर लिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

समर्थन में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष धनंजय, महानगर कांग्रेस कमेटी से राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चौबे, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी आए थे। इनके साथ ही समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह, विधायक प्रभुनारायण, जूही सिंह, नेहा यादव, रीबू श्रीवास्तव, सुजीत यादव लक्कड़, प्रभु नारायण सिंह यादव आदि नेता छात्रों को समर्थन देने पहुंचे थे।

मारपीट के मामले में हुए हैं निलंबित
बीते साल 1 नवंबर की रात आईआईटी-बीएचयू में सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में पांच नवंबर को सिंह द्वार पर एबीवीपी और आईसा-बीएसएम छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस मामले में कई छात्रों पर मुकदमा दर्ज हुआ और घटना के 330 दिन बाद 26 सितंबर को 13 स्टूडेंट्स को एक महीने से लेकर 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया। निलंबन के साथ उन्हें हॉस्टल और लाइब्रेरी की सुविधा से भी वंचित किया गया।

छात्र बोले- उन्हें आदतन अपराधी कहा गया
बीएचयू के पूर्व एनएसयूआई अध्यक्ष रोहित राणा ने कहा कि आईआईटी बीएचयू में गैंगरेप के आरोपियों की मांग करने वालों को ही निलंबित कर दिया गया। इन स्टूडेंट्स को अशिष्ट, आदतन अपराधी या हैबिचुअल ऑफेंडर और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला कहा गया।

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि जिन छात्रों को निलंबित किया गया है, उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। एकेडमिक जगहों पर ऐसा कृत्य ठीक नहीं। दुष्कर्म का विरोध करने वालों पर उलटा एक्शन लिया जा रहा है। कांग्रेस नेता संजीव ने कहा कि बीएचयू में ईसी नहीं है, लेकिन निलंबन की कार्रवाई कर दी जा रही है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा, छात्रों को यह वचन देना चाहता हूं कि कोई भी समस्या हो मैं आपके साथ रहूंगा। प्रशासन का कोई व्यक्ति आपकी आवाज दबाए या धमकाए तो बीएचयू आ जाऊंगा।

संसद में उठेगा ये मुद्दा, भले ही मैं निलंबित हो जाऊं
चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के नैतिक बल को कमजोर नहीं होने देगी। मैं भले ही सदन से निलंबित जो जाऊं लेकिन इस मुद्दे को सदन में उठाऊंगा। समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के प्रति सरकार का रवैया उदासीन है। निलंबित छात्रा चंदा ने कहा कि एक-एक छात्र पर विश्वविद्यालय ने कई-कई एक्ट लगाए हैं। जो छात्र धरने में था ही नहीं उसकी शिकायत पर एसी/एसटी मुकदमा किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed