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अनूठी तकनीकः ट्रेन दुर्घटना को रोकेने के लिए छात्रों ने बनाया सेंसर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:20 PM IST
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अशोका इंस्टीट्यूट के छात्रों ईजाद किया की अनूठी तकनीक
- फोटो : अमर उजाला
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अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्रों ने दुर्घटना रोकने के लिए अनूठी तकनीक ईजाद की है। उन्होंने एक ऐसा सेंसर तैयार किया है कि जिससे ट्रेन दुर्घटना को रोका जा सकता है। वहीं एक सेफ्टी हेलमेट भी तैयार किया है, जिससे अगर आपका कहीं एक्सीडेंट हो जाता है कि इसकी सूचना आपके अपनों तक पहुंच जाएगी।
शुक्रवार को इन दोनों का ही प्रदर्शन किया गया। मेकैनिकल इंजीनियरिंग के छात्र उज्ज्वल मिश्र, ऋषिकेश तिवारी और शिवम सिंह ने ट्रेन दुर्घटना रोधक यंत्र तैयार किया है जिसे ट्रेन में लगाया जा सकता है।
इस यंत्र का सेंटर पटरियों की स्थिति को सेंस कर ट्रेन की गति को नियंत्रित कर सकता है। वहीं एक दूसरा सेंसर कोहरे से होने वाली दुर्घटना को रोकने में सक्षम है। इसमें सेंसर स्टेशन पर लगे सिग्नल लाइट को सेंस करता है जिससे कोहरे के समय में भी बिना देर किए ट्रेन गंतव्य तक पहुंच सकती है।
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वहीं छात्रों की एक दूसरी टीम प्रवेश कुमार मौर्य और अभिषेक भूषण पांडेय ने एक ऐसा सेफ्टी हेलमेट तैयार जिसमें मोबाइल किट और जीपीएस लगा हुआ है।
मोबाइल किट में आपको अपने घर के किसी सदस्य का या यूपी 100 का नंबर फीड करना है। इससे दुर्घटना होने पर उन नंबरों पर इसकी सूचना तुरंत पहुंच जाएगी।
वहीं जीपीएस के जरिये दुर्घटना की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। छात्रों ने ये दोनों तकनीक संस्थान के श्याम चौरसिया और वाइस चेयरमैन अमित मौर्या के निर्देशन में तैयार किया है।
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शुक्रवार को इन दोनों का ही प्रदर्शन किया गया। मेकैनिकल इंजीनियरिंग के छात्र उज्ज्वल मिश्र, ऋषिकेश तिवारी और शिवम सिंह ने ट्रेन दुर्घटना रोधक यंत्र तैयार किया है जिसे ट्रेन में लगाया जा सकता है।
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इस यंत्र का सेंटर पटरियों की स्थिति को सेंस कर ट्रेन की गति को नियंत्रित कर सकता है। वहीं एक दूसरा सेंसर कोहरे से होने वाली दुर्घटना को रोकने में सक्षम है। इसमें सेंसर स्टेशन पर लगे सिग्नल लाइट को सेंस करता है जिससे कोहरे के समय में भी बिना देर किए ट्रेन गंतव्य तक पहुंच सकती है।
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वहीं छात्रों की एक दूसरी टीम प्रवेश कुमार मौर्य और अभिषेक भूषण पांडेय ने एक ऐसा सेफ्टी हेलमेट तैयार जिसमें मोबाइल किट और जीपीएस लगा हुआ है।
मोबाइल किट में आपको अपने घर के किसी सदस्य का या यूपी 100 का नंबर फीड करना है। इससे दुर्घटना होने पर उन नंबरों पर इसकी सूचना तुरंत पहुंच जाएगी।
वहीं जीपीएस के जरिये दुर्घटना की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। छात्रों ने ये दोनों तकनीक संस्थान के श्याम चौरसिया और वाइस चेयरमैन अमित मौर्या के निर्देशन में तैयार किया है।