हॉस्टल खाली कराने पर भड़के छात्र: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हुआ हंगामा, मिली चार दिन की मोहलत
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हॉस्टल खाली कराने के विरोध में छात्रों ने कुलपति का घेराव किया। केंद्रीय कार्यालय के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हॉस्टल खाली कराने के विरोध में छात्रों ने कुलपति का घेराव किया। केंद्रीय कार्यालय के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के हस्तक्षेप से नाराज छात्र कु लपति कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। कुलपति से वार्ता के बाद छात्रों को चार दिनों की मोहलत मिली है।
रविवार को नवीन हॉस्टल को खाली कराने की सूचना चस्पा होने के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल खुले दो महीने भी नहीं हुए। कुलपति ने निष्कासन का आदेश जारी कर दिया। छात्रों की बीलिब और बीएड की परीक्षाएं 27 अगस्त से शुरू हो रही हैं। मई और जून में छात्रों को कमरे का आवंटन नहीं किया गया।
सूची में नाम होने और शुल्क प्रतिपूर्ति के बाद भी मुख्य प्रतिपालक ने कमरा उपलब्ध नहीं कराया। आवंटन के नाम पर छात्रों से धन उगाही की गई और शैक्षिक अवकाश के नाम पर एक से 25 जून तक अवकाश था। 12 जुलाई से परीक्षा कराई गई और इसके बाद छात्रावास बंद करने की कोई सूचना नहीं दी गई।
बीएड और बीलिब के छात्रों की परीक्षा के समय मुख्य प्रतिपालक ने समन जारी कर दिया। छात्रों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने के लिए छात्रों को बाहर किया जा रहा है। छात्रों ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा के परिणाम पर भी सवाल उठाए हैं।
चीफ प्राक्टर प्रो. शैलेष मिश्र ने बताया कि कुलपति से वार्ता के बाद छात्रों को चार दिन की मोहलत दी गई है। सत्र समाप्त होने के बाद छात्रों को हास्टल खाली करने की नोटिस जारी किया गया था।