छात्रों ने बूट पाॅलिश किया: कहा- वेंटिलेटर पर है स्वास्थ्य व्यवस्था, आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार हों; जानें मामला
Ballia News: बलिया में अपूर्वा नर्सिंग होम प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर छात्र नेताओं ने टीडी कॉलेज चौराहे पर बूट पालिश कर विरोध किया। समिति ने प्रशासन पर दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने भी समर्थन दिया। छात्रों ने चेतावनी दी कि गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।
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UP News: पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले अपूर्वा नर्सिंग होम प्रकरण में आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को एक अलग ही अंदाज में देखने को मिला। नगर के टीडी कॉलेज चौराहे पर छात्र नेताओं ने बूट पालिश कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान छात्र नेताओं ने सड़क किनारे बैठकर राहगीरों के जूते पालिश किए और उससे प्राप्त धन को प्रतीकात्मक रूप से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को सौंपने की बात कही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह विरोध इस बात का संकेत है कि यदि प्रशासन आर्थिक या अन्य दबाव में काम कर रहा है, तो वे खुद धन जुटाकर आरोपियों की गिरफ्तारी “करवाने” का संदेश देना चाहते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि घटना को 25 दिन बीतने को हैं, लेकिन अभी तक आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पैसे और प्रभाव के दबाव में कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी छात्र नेताओं ने शहर में भिक्षाटन कर विरोध जताया था और अब बूट पालिश कर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि जिले की चिकित्सा व्यवस्था खुद “वेंटिलेटर” पर है। उन्होंने कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ है और इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को निंदनीय बताते हुए इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश यादव ‘मोती’ ने कहा कि आंदोलन अभी जारी रहेगा और जल्द ही इसकी अगली रणनीति घोषित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक छात्र संघर्ष समिति का आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
प्रदर्शन में छात्रनेता अविनाश सिंह नंदन, श्वेता तिवारी, प्रभात मौर्य, अभिषेक वर्मा, मनीष तिवारी, आदित्य सिंह, रोहित माही, रमेश गिरी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। आंदोलन के इस अनोखे तरीके ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है।