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जाने कहां गए वो लोग: बेटी की राह देखते-देखते पथराईं पिता की आंखें, अब भगवान पर ही भरोसा

Thu, 18 Mar 2021 04:31 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 18 Mar 2021 04:31 PM IST
सार

चार साल पहले आठ साल की रानी घर से 10 रुपये लेकर कॉपी खरीदने निकली थी। डबडबाई आंखों से आज भी मां-बाप बेटी की राह देख रहे हैं।

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varanasi news : Stoned eyes waiting for daughter for four years

विस्तार

चार साल पहले आठ साल की रानी घर से 10 रुपये लेकर कॉपी खरीदने निकली थी। डबडबाई आंखों से आज भी मां-बाप बेटी की राह देख रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की दहलीज पर कई बार गुहार लगाने के बाद उनकी हिम्मत जवाब दे चुकी है। मां-बाप को अब बस भगवान पर भरोसा है। उनका कहना है कि एक न एक दिन ऊपर वाला उनकी बेटी को सकुशल घर भेज देगा।

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बड़ागांव थाना के कोइरीपुर निवासी ऑटो चालक प्रदीप पटेल और राजदुलारी देवी को तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी रानी 31 जनवरी 2017 को घर से गांगकला भट्ठे की ओर गई थी। घंटे, दिन, महीने और साल बीत गए, लेकिन वह नहीं लौटी। थाने में केस दर्ज कराया गया। खुद भी बेटी की तलाश शुरू की, लेकिन हर बार नाकामी ही मिली। रानी की मां राजदुलारी अपनी पहली संतान को याद कर हर रात सिसकियां भरती है। राजदुलारी ने कहा कि उन्हें पुलिस पर विश्वास नहीं है। हो सकता है भगवान कुछ मेहरबानी कर दें और बेटी घर लौट आए।

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पोती की याद में दादा ने तोड़ा दम

रुंधे गले से प्रदीप कहते हैं कि रानी के गायब होने का गम उनके पिता वंश नारायण बर्दाश्त नहीं कर सके। पोती को याद करते हुए उन्होंने 25 मार्च 2017 को दम तोड़ दिया। रानी के दोनों छोटे भाई सनी और प्रिंस आज भी जब पूछते हैं कि दीदी कहां है तो समझ नहीं आता क्या जवाब दें।

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30 बार बुलाया थाने, हर बार निराशा
प्रदीप ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद 25 से 30 बार थाने बुलाया गया। हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। थानेदार पूछते रहे किसी पर शक है तो बताओ किसी से रंजिश है तो सूचना दो, तहकीकात करते हैं। जब किसी पर शक ही नहीं तो कैसे किसी का नाम ले लें। आखिरकार पुलिस ने भी कह दिया कि तुम्हारी बेटी नहीं मिल रही है। अब तो संपर्क करना भी बंद कर दिया।

जरा जवाब सुनिये...लग गई होगी फाइनल रिपोर्ट
बड़ागांव थाना प्रभारी मुरलीधर से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने गजब का जवाब दिया। कहा मामला 2017 का है। कंप्यूटर पर भी नहीं दिख रहा है। शायद फाइनल रिपोर्ट लग गई होगी। जनता के रखवाले के जवाब से समझा जा सकता है कि रानी को तलाशने के लिए कितनी जहमत उठाई गई होगी।

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