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Varanasi News: पेट संक्रमण का खतरा बढ़ा, BHU में रोज 15 नए मरीज; इमरजेंसी में किशोर से लेकर बुजुर्ग तक आ रहे
Sun, 26 May 2024 09:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 26 May 2024 09:15 PM IST
सार
Varanasi News: दिन में तीखी धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। तापमान कभी 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे तो कभी 40 के पार जा रहा है। इस वजह से खानपान में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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बीएचयू अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बढ़ती गर्मी में खानपान में लापरवाही, फास्ट फूड के अधिक सेवन से पेट का संक्रमण बढ़ रहा है। बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी में हर दिन इस तरह की समस्या वाले करीब 15 मरीज आ रहे हैं। खास बात यह है कि इसमें किशोर-युवा से लेकर 50 साल से अधिक उम्र वाले भी इसमें शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार समय रहते उपचार न होने पर पाचन तंत्र पर भी असर पड़ रहा है।
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बीएचयू में गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव का कहना है कि गर्मी में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है। इस मौसम में बासी खाना, देर के कटे फल, फास्टफूड खाने वाले लोगों को पेट संबंधी परेशानी होती है। चिकित्सकीय भाषा में इसको एक्यूट गैस्ट्रोएंट्राइटिस कहा जाता है। लोगों में एक्यूट गैस्ट्रोएंट्राइटिस के साथ ही हेपेटाइटिस ए और इ का भी खतरा बढ़ जाता है। एक्यूट गैस्ट्रोएंट्राइटिस में उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द होता है जबकि हेपेटाइटिस ए और इ में पीलिया होता है।
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डॉ. यादव का कहना है कि समय रहते जागरूक न रहने पर आगे चलकर आईबीडी यानी इंफ्लेमेटरी बावेल डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही पहले से किसी को आईबीडी है तो वह और भी खतरनाक होता है। लंबे समय तक दस्त होना, शौच में खून आना, वजन का गिरना और पेट में दर्द आईबीडी के लक्षण है। बीएचयू में हर बृहस्पतिवार को आईबीडी क्लीनिक भी चलाई जाती है, जिसमें मरीजों को परामर्श देने के अलावा जागरूक भी किया जाता है।
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ये बरतें सावधानी
- शुद्ध और ताजा भोजन का ही सेवन करें।
- ज्यादा देर से कटे रखे फल, सलाद खाने से बचें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- पेट संबंधी समस्या पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें।