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खेल प्रशिक्षण का काम छोड़ मलहम पट्टी करके चला रहे हैं घर का खर्च
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वाराणसी। कोरोना काल में खेल प्रशिक्षक अब अपना पेशा तेजी बदल रहे है। इन्हीं में से एक है ताइक्वांडो प्रशिक्षक सूर्यकुमार, जो एक निजी स्कूल के बच्चों को ताइक्वांडो सिखाकर घर का खर्च चला रहे थे। लॉकडाउन के बाद स्कूल बंद हो गया तो बेरोजगार हो गए। घर पर कुछ दिन बैठने के बाद एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर का काम शुरू कर दिया।
घमहापुर के रहने वाले 21 वर्षीय ताइक्वांडो प्रशिक्षक सूर्य कुमार ने बताया कि पिछले चार साल से प्रशिक्षण देने का काम कर रहे है। दो साल से काजिसराय स्थित एक निजी स्कूल में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहा था। मगर लॉकडाउन में स्कूल बंद हुआ तो स्कूल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर लिए और फरवरी महीने की वेतन देकर छुट्टी कर दी। मजबूरन अब खेल का पेशा छोड़कर एक निजी अस्पताल में काम चलाऊ वेतन पर कंपाउंडर का काम करना पड़ रहा। जिससे निजी वाहन चालक पिता के आमदनी में सहयोग हो जाता है। दो भाई और दो बहनों समेत माता-पिता सहित छह सदस्यों का खर्च चलता है। हाल ही में प्रदेश के अंशकालिक खेल प्रशिक्षकों के लिए यूपी ओलंपिक संघ ने राज्य के खेलमंत्री से गुजारा भत्ते के लिए गुहार लगाई थी। मगर निजी स्कूलों के खेल प्रशिक्षकों के बारे में कोई नहीं सोच रहा। न तो स्कूल और न ही सरकार। जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव सत्यवर्धन सिंह ने बताया कि ओलंपिक संघ द्वारा पत्र लिखाना एक मात्र औपचारिकता है।
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घमहापुर के रहने वाले 21 वर्षीय ताइक्वांडो प्रशिक्षक सूर्य कुमार ने बताया कि पिछले चार साल से प्रशिक्षण देने का काम कर रहे है। दो साल से काजिसराय स्थित एक निजी स्कूल में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहा था। मगर लॉकडाउन में स्कूल बंद हुआ तो स्कूल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर लिए और फरवरी महीने की वेतन देकर छुट्टी कर दी। मजबूरन अब खेल का पेशा छोड़कर एक निजी अस्पताल में काम चलाऊ वेतन पर कंपाउंडर का काम करना पड़ रहा। जिससे निजी वाहन चालक पिता के आमदनी में सहयोग हो जाता है। दो भाई और दो बहनों समेत माता-पिता सहित छह सदस्यों का खर्च चलता है। हाल ही में प्रदेश के अंशकालिक खेल प्रशिक्षकों के लिए यूपी ओलंपिक संघ ने राज्य के खेलमंत्री से गुजारा भत्ते के लिए गुहार लगाई थी। मगर निजी स्कूलों के खेल प्रशिक्षकों के बारे में कोई नहीं सोच रहा। न तो स्कूल और न ही सरकार। जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव सत्यवर्धन सिंह ने बताया कि ओलंपिक संघ द्वारा पत्र लिखाना एक मात्र औपचारिकता है।
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