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काशी विश्वनाथ मंदिर के विकास के लिए बाहर से बुलाए जाएंगे विशेषज्ञ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:37 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : amarujala
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काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के विकास के लिए बाहर से कई विषयों के विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे। ये सभी विशेषज्ञ पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट मंदिर को विश्वस्तरीय बनाने में अपनी-अपनी राय देंगे। इसमें वे सबसे पहले आकर मंदिर को हर पहलू से जांच करेंगे। जांच के बाद ये अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद इस रिपोर्ट पर आंकलन करके विकास कार्य किया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर को विश्वस्तरीय मंदिर बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें आस-पास के सभी मकानों को खरीदकर उन्हें तोड़कर हटाया जा रहा है। इससे पूरे परिसर में काफी जगह हो गई है।
पीएम और सीएम दोनों लोेग विश्वनाथ मंदिर को सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित कर श्रद्घालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना चाह रहे हैं। पीएम के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब बाहर से हर विषय जैसे, पुरातत्व, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और इतिहासकारों को बुलाने की तैयारी चल रही है।
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इसमें पुरातत्व विभाग जहां मंदिरों की जांच करके अपना रिपोर्ट सौपेंगे, वहीं आर्किटेक्ट मंदिर परिसर की डिजाइन करेंगे। इतिहासकार मंदिर और शहर के बारे में अपनी जानकारी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद ही मंदिर क्षेत्र की विकास योजना पर कार्य हो सकेगा।
वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि पीएम को जो प्रजेंटेशन दिखाया गया, उसको देखने के बाद उन्होंने यह सलाह दी है। इस सलाह के बाद ही इसपर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। मंदिर क्षेत्र में मिली प्रतिमाओं की जांच भी कराई जाएगी। इसके बाद उनको इस आधार पर स्थापित की जाएंगी।
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काशी विश्वनाथ मंदिर को विश्वस्तरीय मंदिर बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें आस-पास के सभी मकानों को खरीदकर उन्हें तोड़कर हटाया जा रहा है। इससे पूरे परिसर में काफी जगह हो गई है।
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पीएम और सीएम दोनों लोेग विश्वनाथ मंदिर को सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित कर श्रद्घालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना चाह रहे हैं। पीएम के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब बाहर से हर विषय जैसे, पुरातत्व, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और इतिहासकारों को बुलाने की तैयारी चल रही है।
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इसमें पुरातत्व विभाग जहां मंदिरों की जांच करके अपना रिपोर्ट सौपेंगे, वहीं आर्किटेक्ट मंदिर परिसर की डिजाइन करेंगे। इतिहासकार मंदिर और शहर के बारे में अपनी जानकारी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद ही मंदिर क्षेत्र की विकास योजना पर कार्य हो सकेगा।
वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि पीएम को जो प्रजेंटेशन दिखाया गया, उसको देखने के बाद उन्होंने यह सलाह दी है। इस सलाह के बाद ही इसपर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। मंदिर क्षेत्र में मिली प्रतिमाओं की जांच भी कराई जाएगी। इसके बाद उनको इस आधार पर स्थापित की जाएंगी।
विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में मकानों को न बेचने की अपील
काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
काशी की धरोहर बचाओ समिति ने प्रधानमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होते ही एक बार फिर अपना अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को समिति ने प्रभावित इलाकों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। बाद में इस कार्यक्रम में साझा संस्कृति मंच के साथी भी शामिल हो गए।
समिति और मंच के लोगों ने स्थानीय नागरिकों से अपना भवन न बेचने की और किसी से भी न डरने की अपील की। समिति के सदस्यों ने सरस्वती फाटक से अभियान शुरू कर नीलकंठ, मणिकर्णिका घाट, चमरोटिया, ललिता घाट आदि इलाकों में जन संपर्क किया।
इस दौरान कई निवासियों ने बताया कि मंदिर प्रशासन के लोग उन पर मकान बेचने का दबाव बना रहे हैं और तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। समिति ने सभी को आश्वस्त किया उनकी मदद के लिए समिति तैयार है।
जनसंपर्क के बाद हुई बैठक मे तय हुआ कि 21 मार्च को पराड़कर स्मृति भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें नगर के सभी वर्गो को जोड़ा जाएगा। इसके बाद पूरे शहर की भागीदारी के लिए जल्द ही एक बड़े सत्याग्रह का भी आयोजन होगा।
समिति और मंच के लोगों ने स्थानीय नागरिकों से अपना भवन न बेचने की और किसी से भी न डरने की अपील की। समिति के सदस्यों ने सरस्वती फाटक से अभियान शुरू कर नीलकंठ, मणिकर्णिका घाट, चमरोटिया, ललिता घाट आदि इलाकों में जन संपर्क किया।
इस दौरान कई निवासियों ने बताया कि मंदिर प्रशासन के लोग उन पर मकान बेचने का दबाव बना रहे हैं और तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। समिति ने सभी को आश्वस्त किया उनकी मदद के लिए समिति तैयार है।
जनसंपर्क के बाद हुई बैठक मे तय हुआ कि 21 मार्च को पराड़कर स्मृति भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें नगर के सभी वर्गो को जोड़ा जाएगा। इसके बाद पूरे शहर की भागीदारी के लिए जल्द ही एक बड़े सत्याग्रह का भी आयोजन होगा।