UP Politics: चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह बोले, गरीबों का घर जबरदस्ती उजाड़ना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं
Varanasi News: वाराणसी के टाउन अर्दली बाजार स्थित आवास में प्रेसवार्ता करते हुए चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि गरीबों का घर जबरदस्ती उजाड़ना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
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चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने गरीबों की जमीन जबरदस्ती हड़पने के विरोध में वर्चुअल फ्रेट कॉरिडोर समारोह का बहिष्कार किया। रविवार को टैगोर टाउन अर्दली बाजार स्थित आवास में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि आप अडानी को इतना पैसा दे सकते हैं तो कम से कम उन गरीबों को जिनको आप विस्थापित कर रहे हैं, जिनका घर उजाड़ रहे हैं, जिनकी जमीनें ले रहे हैं उनको रहने और जीवनयापन की व्यवस्था करिए। यह इस देश के बेहतर लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि ये वही जल परिवहन सेवा है, जिसे लगातार कई वर्षों से शुरू किया जा रहा है। जिसकी सफलता एक प्रतिशत भी नहीं है। 4 साल में लगभग 300 टन माल की ढुलाई हुई है, वो भी बाढ़ के समय और बाकी 10 महीने इस जल परिवहन सेवा का संचालन नहीं हो पाएगा, क्योंकि गंगा नदी में पानी ही नहीं रहता।
कहा कि कभी-कभी गर्मी के दिन में या हमेशा यह देखा गया है कि गंगा के किनारे लगाए गए पंप कैनाल इसलिए बंद किए जाते हैं क्योंकि गंगा नदी में पानी नहीं होता। ये केवल एक सपना है जिसे प्रधानमंत्री ने देखा है। इस सपने की कीमत में कम से कम 1000 परिवार उजड़ जाएंगे। उन्होंने कहा, इसीलिए मैंने शनिवार को उनके उद्घाटन समारोह के निमंत्रण को ठुकरा दिया और उसका बहिष्कार किया।
सपा सांसद ने कहा कि मैं अनुरोध करूंगा कि वे सब गरीब समाज के मल्लाह, अल्पसंख्यक तथा अन्य पिछड़ी जातियों के हमारे साथी हैं। साथ ही साथ भगवान बुद्ध का पवित्र स्थल भी वहां हैं। इसलिए आप उन्हें उजाड़ने की कोशिश न करें। भगवान बुद्ध के पवित्र स्थल को पर्यटक स्थल, गार्डन बनाए। उन सभी गरीबों को जिसे आप उजाड़ रहे हैं उन्हें विस्थापित करें और उनके जमीन के बदले जमीन उपलब्ध कराएं।
समारोह में जाना गरीबों के अपमान के बराबर
सपा सांसद ने कहा कि अधिकारियों ने मुझे सूचित किया कि राल्हुपुर, ताहिरपुर, मिल्कीपुर आसपास के गांव से करीब 150 एकड़ जमीन पर फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। जिसका वर्चुअल उद्घाटन होगा। मैंने अधिकारियों से कहा कि गरीबों की जमीन को हड़प कर बिना मुआवजा दिए बनने वाले फ्रेट कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में जाना गरीबों के अपमान करने के बराबर है। इसलिए मैं उस कार्यक्रम में नहीं जाऊंगा।