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सपा एमएलसी ने कहा, वाराणसी की हवा खराब ही नहीं, ये तो दमघोंटू हो गई
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 15 Nov 2017 05:42 PM IST
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शतरूद्र प्रकाश
- फोटो : file photo
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देश में इस समय प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इस प्रदूषण की जिम्मेदार भी हम खुद हैं। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रदूषण बहुत अधिक बढ़ चुका है। प्रदूषण को लेकर सपा के एक एमएलसी ने बनारस की हवा को दमघोंटू बताया है।
सपा के वरिष्ठ नेता एवं एमएलसी शतरूद्र प्रकाश का कहना है कि वाराणसी की हवा खराब ही नहीं, दम घोंटू हो रही है। उनका कहना है कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इस समस्या को नजरअंदाज किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सड़कों के गड्ढे अगर समय से भर दिए गए होते और सड़कें बना दी गई होती, कचरे और मलबे से बिजली बनाने का काम कायदे से शुरू हो जाता तो आज प्रदूषण की स्थिति इस कदर भयावह नहीं होती। यह भी कहा कि पेड़ों की कटाई का नया आदेश नहीं दिया गया होता आज प्रदूषण की स्थित कुछ बेहतर होती।
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कहा कि सरकार और अफसरशाही इस विकराल समस्या से बेखबर होकर सिर्फ मूकदर्शक न बनी रहे बल्कि तत्काल सड़कों को गड्ढामुक्त कराएं, वैक्यूम क्लीनर मशीन चालू कराएं, सड़कों पर पानी का छिड़काव कराएं, मलबे और कचरे के ढेर को हटवाने की व्यवस्था करें तभी बीमार हो रहे लोगों को राहत मिल सकेगी। स्वच्छ भारत मिशन को सार्थक बनाने के लिए ऐसा ही प्रयास किया जाना जरूरी है।
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सपा के वरिष्ठ नेता एवं एमएलसी शतरूद्र प्रकाश का कहना है कि वाराणसी की हवा खराब ही नहीं, दम घोंटू हो रही है। उनका कहना है कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इस समस्या को नजरअंदाज किया है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सड़कों के गड्ढे अगर समय से भर दिए गए होते और सड़कें बना दी गई होती, कचरे और मलबे से बिजली बनाने का काम कायदे से शुरू हो जाता तो आज प्रदूषण की स्थिति इस कदर भयावह नहीं होती। यह भी कहा कि पेड़ों की कटाई का नया आदेश नहीं दिया गया होता आज प्रदूषण की स्थित कुछ बेहतर होती।
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कहा कि सरकार और अफसरशाही इस विकराल समस्या से बेखबर होकर सिर्फ मूकदर्शक न बनी रहे बल्कि तत्काल सड़कों को गड्ढामुक्त कराएं, वैक्यूम क्लीनर मशीन चालू कराएं, सड़कों पर पानी का छिड़काव कराएं, मलबे और कचरे के ढेर को हटवाने की व्यवस्था करें तभी बीमार हो रहे लोगों को राहत मिल सकेगी। स्वच्छ भारत मिशन को सार्थक बनाने के लिए ऐसा ही प्रयास किया जाना जरूरी है।