फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   SP leader allegations, BJP sent Amar Singh had part of a conspiracy

'भाजपा ने साजिश के तहत अमर सिंह को सपा में भेजा था'

Wed, 01 Mar 2017 05:32 PM IST
अजीत सिंह, अमर उजाला, वाराणसी
अजीत सिंह, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 01 Mar 2017 05:32 PM IST
विज्ञापन
 SP leader allegations, BJP sent Amar Singh had part of a conspiracy
kiranmoy nanda - फोटो : अमर उजाला

सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य किरणमय नंदा ने 1992 में उस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जिसमें मुलायम सिंह यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। 2017 में नंदा की अध्यक्षता में ही हुए अधिवेशन में अखिलेश यादव को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

विज्ञापन


सपा के थिक टैंक माने जाने वाले नंदा विधानसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान से पूर्व वाराणसी में हैं। पूर्वांचल पर उनका खास फोकस है। कहते हैं पूर्वांचल समाजवादियों का गढ़ है। हम पूर्वांचल फिर जीतेंगे। सरकार भी बनाएंगे।
विज्ञापन


मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के विवाद में आपका नाम लिया जाता है। कितनी सच्चाई है?
- सपा सरकार बनने के दो साल बाद ही पार्टी में अखिलेश यादव को बागडोर सौंपने की मांग उठने लगी थी। अखिलेश का परिवार भी यही चाहता था। पार्टी में पहले तय हुआ था कि अखिलेश चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर सिंह के आने के बाद से गड़बड़ होने लगा। इसी दौरान ही मैंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि चुनाव में अखिलेश ही चेहरा होंगे। मुलायम सिंह से भी कई बार बातचीत हुई थी। अंत में मैंने वही किया जो पार्टी के  हित में था। अधिवेशन में अखिलेश को अध्यक्ष चुना गया। सपा अब पहले से ज्यादार मजबूत है।

अमर सिंह को लेकर पार्टी में विवाद का पूरा मामला क्या था? 
- दरअसल, अमर सिंह को भाजपा ने साजिश के तहत सपा में भेजा था। अमर सिंह अखिलेश यादव को कमजोर करना चाहते थे। धीरे-धीरे यह बात सबको पता चल गई। उनके आने के बाद से ही पार्टी और परिवार में विवाद शुरू हुआ।

अमर सिंह जब-जब पार्टी में आए, विवाद हुआ। 1997 में जब वह सपा में आए तो मैंने विरोध किया। नेताजी ने नहीं सुनी तो मैं पार्टी छोड़कर चला गया। 2010 में अमर सिंह पार्टी से निकाले गए तो मैं पार्टी में वापस आया। 

पूर्वांचल जीतने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार

 SP leader allegations, BJP sent Amar Singh had part of a conspiracy
अमर सिंह - फोटो : SELF
पूर्वांचल फतह के लिए पार्टी का क्या प्लान है। अब तक हुए चुनाव में सपा को कहां पाते हैं?
- पूर्वांचल सपा का गढ़ है। पिछले चुनाव में हमने यहां 110 सीटें जीती थीं। पूर्वाँचल जीतने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। अखिलेश, डिंपल समेत तमाम नेता यहां प्रचार करेंगे। अब तक के चुनाव में सपा को फायदा हुआ है। पिछले चुनाव के मुकाबले हमें ज्यादा सीटें मिलेंगी। पूर्वांचल जीतने के बाद हम सरकार बनाएंगे।

कांग्रेस से गठबंधन करने की जरूरत क्यों पड़ गई?
- यह बताने की जरूरत नहीं है कि कांग्रेस सेक्युलर पार्टी है। राजनीति जिद पर नहीं परिस्थितियों पर निर्भर रहती है। हमने सेक्युलर वोटों का बंटवारा रोकने के लिए ही कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल किया है।
 
भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार पर क्या कहना चाहेंगे?
- चूंकि भाजपा के पास विकास का कोई मॉडल नहीं है, इसीलिए वह सांप्रदायिकता की बातें करते हैं। भाजपा ने श्रीराम को दंगे का प्रतीक बना दिया है। भाजपा नेता वादों से लेकर बातों तक में जुमलेबाजी करते हैं ताकि सपा सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों से लोगों का ध्यान हट जाए।

लोग जानते हैं कि कई साल बाद प्रदेश में विकास की गाड़ी दौड़ने लगी है। देखने वाली बात तो यह भी है कि भाजपा के पास सीएम पद का चेहरा ही नहीं है।

फिर सरकार बनने पर वाराणसी के विकास के लिए क्या करेंगे?
- प्राचीन शहर का स्वरूप बदले बिना विकास करना है। लखनऊ के बाद वाराणसी दूसरा ऐसा शहर होगा, जहां मेट्रो चलेगी। सरकार बनने पर दो साल में यहां मेट्रो दौड़ने लगेगी। वाराणसी शहर और सीमा पर जितने पुल निर्माणाधीन हैं, उनका काम एक साल में पूरा होगा।

शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नए फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे। वाराणसी में वरुणा कॉरिडोर का काम भी तेज होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed