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वाराणसी में मामला गरमः कैंट सीट पर सपा-कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 17 Feb 2017 01:57 PM IST
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रीबू ने दावा किया, सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर किया नामांकन
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को झटका लगा है। सपा नेत्री रीबू श्रीवास्तव ने गुरुवार को पार्टी के सिंबल के साथ कैंट सीट से नामांकन कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बदले समीकरण से सपा और कांग्रेस के पदाधिकारी सकते में हैं।
अहम बात यह है कि सपा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को रीबू के नामांकन करने के बाद इस बारे में पता चला। रीबू को सपा ने किन परिस्थितियों में टिकट दिया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
सपा की जिला इकाई प्रदेश नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रही है। निर्देश के बाद पार्टी रीबू के चुनाव प्रचार उतरेगी। रीबू अगर मैदान में डटी रहीं तो सपा के दो फाड़ होने की आशंका भी है।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत वाराणसी में पिंडरा, कैंट, उत्तरी और दक्षिणी सीट कांग्रेस और अन्य चार सीटें सपा को दी गई थीं। सभी प्रत्याशियों ने नामांकन भी कर दिया है। कैं ट सीट से कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव ने नामांकन किया है। गठबंधन के पूर्व कैंट सीट से सपा ने रीबू को टिकट दिया था।
बाद में उनका टिकट काट दिया गया। रीबू गुरुवार दोपहर करीब दो बजे अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचीं। नामांकन के दौरान उन्होंने पार्टी का सिंबल भी लगाया।
नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर उन्होंने नामांकन किया है। उन्होंने कहा- सपा-कांग्रेस गठबंधन में कई सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
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अहम बात यह है कि सपा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को रीबू के नामांकन करने के बाद इस बारे में पता चला। रीबू को सपा ने किन परिस्थितियों में टिकट दिया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सपा की जिला इकाई प्रदेश नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रही है। निर्देश के बाद पार्टी रीबू के चुनाव प्रचार उतरेगी। रीबू अगर मैदान में डटी रहीं तो सपा के दो फाड़ होने की आशंका भी है।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत वाराणसी में पिंडरा, कैंट, उत्तरी और दक्षिणी सीट कांग्रेस और अन्य चार सीटें सपा को दी गई थीं। सभी प्रत्याशियों ने नामांकन भी कर दिया है। कैं ट सीट से कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव ने नामांकन किया है। गठबंधन के पूर्व कैंट सीट से सपा ने रीबू को टिकट दिया था।
बाद में उनका टिकट काट दिया गया। रीबू गुरुवार दोपहर करीब दो बजे अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचीं। नामांकन के दौरान उन्होंने पार्टी का सिंबल भी लगाया।
नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर उन्होंने नामांकन किया है। उन्होंने कहा- सपा-कांग्रेस गठबंधन में कई सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
आजम खान व अहमद हसन ने दिलाई टिकट
समाजवादी पार्टी
- फोटो : SELF
कैबिनेट मंत्री आजम खान और अहमद हसन के हस्तक्षेप पर रीबू श्रीवास्तव को टिकट मिला है। वाराणसी में रीबू के मुंहबोले भाई राकेश न्यायिक समेत कुछ करीबी करीब पंद्रह दिन से इसकी पटकथा लिखने में लगे हुए थे।
लखनऊ में मौजूद रीबू को बुधवार को दिन में ही सिंबल दे दिया गया था। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री का संदेश आया कि उनका सिंबल वापस ले लिया जाए।
इस आशय का पत्र भी तैयार किया जा रहा था कि इसी बीच फिर संदेश आया कि देर शाम मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे।
इसके बाद तय होगा कि रीबू चुनाव लड़ेंगी या नहीं। रीबू की देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात भी हुई। नए समीकरण के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन को नुकसान होने और पार्टी की किरकिरी होने की स्थिति में मुख्यमंत्री रीबू को पर्चा वापस लेने का निर्देश दे सकते हैं।
हालांकि रीबू चुनाव से हटेंगी, इसकी संभावना बेहद कम है।
लखनऊ में मौजूद रीबू को बुधवार को दिन में ही सिंबल दे दिया गया था। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री का संदेश आया कि उनका सिंबल वापस ले लिया जाए।
इस आशय का पत्र भी तैयार किया जा रहा था कि इसी बीच फिर संदेश आया कि देर शाम मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे।
इसके बाद तय होगा कि रीबू चुनाव लड़ेंगी या नहीं। रीबू की देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात भी हुई। नए समीकरण के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन को नुकसान होने और पार्टी की किरकिरी होने की स्थिति में मुख्यमंत्री रीबू को पर्चा वापस लेने का निर्देश दे सकते हैं।
हालांकि रीबू चुनाव से हटेंगी, इसकी संभावना बेहद कम है।