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शोरगुल..खींचतान...धक्कामुक्की और हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2016 02:15 AM IST
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बैंक के बाहर लगी लाइन।
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शोरगुल..खींचतान...धक्कामुक्की....हंगामा और नोकझोंक। कमोवेश जिलेभर में सभी बैंकों पर शनिवार को ऐसे ही हालात रहे। पांच सौ और हजार रुपये के नोट बदलने के लिए सारे काम छोड़कर सुबह आंख खुलते ही लोग बैंकों की ओर रुख कर रहे हैं और लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। इसके बाद भी कहीं बैंक में खाता न होने की वजह से लौटाया जाना तो कहीं सिस्टम का सर्वर डाउन और कहीं रुपये खत्म। ये बातें उन सभी लोगों को खीझने-चीखने पर मजबूर कर रही हैं जिन्होंने अपना दिनभर नोट बदलने के लिए बर्बाद कर दिया। परिणाम, गुस्सा और शोर-शराबा...। कई जगह तो लोगों की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई और लोहता में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां तक भांजनी पड़ीं।
खुद के जमा किए गए रुपये निकालने के लिए भी नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। विशेष हालात में तय की गई बैंकों की कार्यावधि का पालन बैंक प्रबंधन द्वारा न करना भी परेशानी की बड़ी वजह है। सिगरा के फातमान स्थित एसबीबाई, नदेसर स्थित एसबीआई, मंडुवाडीह स्थित इलाहाबाद बैंक, चांदपुर स्थित यूको बैंक, लहरतारा स्थित यूनियन बैंक, विशेश्वरगंज और कैंट स्थित प्रधान डाकघर, जंगमबाड़ी स्थित सिटी यूनियन बैंक, रथयात्रा स्थित एचडीएफसी, महमूरगंज स्थित देना बैंक सहित कुछेक अन्य बैंकों में अफरातफरी का माहौल रहा।
जल्दी कैश काउंटर तक पहुंचने की होड़ के चलते लोगों के बीच भी तीखी तकरार होती रही। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में चौबेपुर कस्बा स्थित इलाहाबाद बैंक का सर्वर डाउन होने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। फूलपुर स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा में भी खूब नोकझोंक हुई। पिंडरा बाजार की एसबीआई शाखा में सर्वर डाउन होने पर ग्राहकों ने हंगामा किया। कुछ ऐसा ही नजारा चोलापुर, कपसेठी, जंसा, लोहता और रोहनिया थाना क्षेत्र स्थित बैंकों पर भी देखने को मिला।
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जिले भर के बैंकों और एटीएम के सामने उमड़ रही भीड़ यातायात व्यवस्था पर भी भारी पड़ रही है। भारी संख्या में पहुंच रहे लोगोें की लाइन और उनके वाहन सड़कों तक पहुंच जा रहे हैं जिसके चलते हादसे होने का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर कई स्थानों पर पुलिस ने लोगोें को समझाया लेकिन भीड़ में शामिल लोग रुपये पाने के आगे किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं दिखे।
बैंक खुलने के तीन दिन बाद शनिवार को भी पांच सौ और एक हजार के नोट बदलने के फेर में पड़े लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। एटीएम ने तो लगभग निराश ही कर रखा है, वहीं घंटों तक लंबी कतार में लगकर बैंकों के काउंटर तक पहुंचने वालों को बैंकों की मनमानी के चलते निराश होना पड़ रहा है। तमाम बैंकों ने शनिवार को लोगों को यह कहकर लौटा दिया कि जिनके खाते उनके बैंक में हैं, उन्हीं के नोट बदले जाएंगे। वहीं, कुछ बैंकों में चार के बजाय दो हजार रुपये ही बदले गए। कई जगह जब घंटों बाद लोगों की बारी आई तो पता चला कि काउंटर पर पैसे ही खत्म हो गए हैं। सरकार के निर्देशों पर बैंकों की मनमानी लोगों पर भारी पड़ रही है। कई बैंकों में इस मनमानी और कर्मचारियों की आनाकानी के चलते नोकझोंक और हंगामा भी हुआ।
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खुद के जमा किए गए रुपये निकालने के लिए भी नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। विशेष हालात में तय की गई बैंकों की कार्यावधि का पालन बैंक प्रबंधन द्वारा न करना भी परेशानी की बड़ी वजह है। सिगरा के फातमान स्थित एसबीबाई, नदेसर स्थित एसबीआई, मंडुवाडीह स्थित इलाहाबाद बैंक, चांदपुर स्थित यूको बैंक, लहरतारा स्थित यूनियन बैंक, विशेश्वरगंज और कैंट स्थित प्रधान डाकघर, जंगमबाड़ी स्थित सिटी यूनियन बैंक, रथयात्रा स्थित एचडीएफसी, महमूरगंज स्थित देना बैंक सहित कुछेक अन्य बैंकों में अफरातफरी का माहौल रहा।
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जल्दी कैश काउंटर तक पहुंचने की होड़ के चलते लोगों के बीच भी तीखी तकरार होती रही। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में चौबेपुर कस्बा स्थित इलाहाबाद बैंक का सर्वर डाउन होने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। फूलपुर स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा में भी खूब नोकझोंक हुई। पिंडरा बाजार की एसबीआई शाखा में सर्वर डाउन होने पर ग्राहकों ने हंगामा किया। कुछ ऐसा ही नजारा चोलापुर, कपसेठी, जंसा, लोहता और रोहनिया थाना क्षेत्र स्थित बैंकों पर भी देखने को मिला।
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जिले भर के बैंकों और एटीएम के सामने उमड़ रही भीड़ यातायात व्यवस्था पर भी भारी पड़ रही है। भारी संख्या में पहुंच रहे लोगोें की लाइन और उनके वाहन सड़कों तक पहुंच जा रहे हैं जिसके चलते हादसे होने का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर कई स्थानों पर पुलिस ने लोगोें को समझाया लेकिन भीड़ में शामिल लोग रुपये पाने के आगे किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं दिखे।
बैंक खुलने के तीन दिन बाद शनिवार को भी पांच सौ और एक हजार के नोट बदलने के फेर में पड़े लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। एटीएम ने तो लगभग निराश ही कर रखा है, वहीं घंटों तक लंबी कतार में लगकर बैंकों के काउंटर तक पहुंचने वालों को बैंकों की मनमानी के चलते निराश होना पड़ रहा है। तमाम बैंकों ने शनिवार को लोगों को यह कहकर लौटा दिया कि जिनके खाते उनके बैंक में हैं, उन्हीं के नोट बदले जाएंगे। वहीं, कुछ बैंकों में चार के बजाय दो हजार रुपये ही बदले गए। कई जगह जब घंटों बाद लोगों की बारी आई तो पता चला कि काउंटर पर पैसे ही खत्म हो गए हैं। सरकार के निर्देशों पर बैंकों की मनमानी लोगों पर भारी पड़ रही है। कई बैंकों में इस मनमानी और कर्मचारियों की आनाकानी के चलते नोकझोंक और हंगामा भी हुआ।