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सोनभद्र की गर्मी में पिघल रही सियासी रिश्तों पर जमी बर्फ
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वाराणसी। सोनभद्र के उभ्भा गोलीकांड के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के रिश्तों पर जमीं बर्फ पिघलने लगी है। शनिवार को दिल्ली लौटने से पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एयरपोर्ट पर धरना दे रहे तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान सोनभद्र कांड पर अपने विचार भी साझा किए। प्रियंका की इस पहल पर टीएमसी के ट्विटर हैंडल से उन्हें धन्यवाद भी दिया गया। ट्वीट में प्रियंका गांधी और टीएमसी सांसदों के बीच बातचीत का वीडियो भी पोस्ट किया गया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच बनारस में सोनभद्र गोलीकांड पर संवाद हुआ। दोनों पार्टी के नेताओं ने अपने विचार भी साझा किए। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रियंका और टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन की मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों दल साझा चुनौती से निपटने के लिए एक मंच पर आ सकते हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में जबरदस्त प्रदर्शन किया और 42 लोकसभा सीटों में 18 पर जीत हासिल की। भाजपा प्रत्याशी 22 सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे थे। ऐसे में वह आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस दोनों के लिए कड़ी चुनौती है। यहां बता दें कि सोनभद्र गोलीकांड के पीडि़त परिवारों से मिलने की जिद पर अड़ी प्रियंका ने चुनार गेस्ट हाउस में 24 घंटे से ज्यादा धरना दिया। उधर, टीएमसी सांसदों ने सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद एयरपोर्ट पर ही धरना शुरू कर दिया था। प्रियंका के दिल्ली लौटने के बाद टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल भी वापस चला गया था।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच बनारस में सोनभद्र गोलीकांड पर संवाद हुआ। दोनों पार्टी के नेताओं ने अपने विचार भी साझा किए। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रियंका और टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन की मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों दल साझा चुनौती से निपटने के लिए एक मंच पर आ सकते हैं।
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दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में जबरदस्त प्रदर्शन किया और 42 लोकसभा सीटों में 18 पर जीत हासिल की। भाजपा प्रत्याशी 22 सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे थे। ऐसे में वह आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस दोनों के लिए कड़ी चुनौती है। यहां बता दें कि सोनभद्र गोलीकांड के पीडि़त परिवारों से मिलने की जिद पर अड़ी प्रियंका ने चुनार गेस्ट हाउस में 24 घंटे से ज्यादा धरना दिया। उधर, टीएमसी सांसदों ने सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद एयरपोर्ट पर ही धरना शुरू कर दिया था। प्रियंका के दिल्ली लौटने के बाद टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल भी वापस चला गया था।
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