सोने की पुष्टि के बाद लखनऊ बुलाई गई टीम, सोना निकालने में आने वाले खर्च पर हो सकती है चर्चा
सोनभद्र जिले के पहाड़ों में सोने की खान की पुष्टि के बाद शासन ने पहाड़ी का सीमांकन करने वाली टीम को शनिवार को लखनऊ तलब कर लिया। टीम को अब तक तैयार हुई रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। माना जा रहा है कि सर्वे में सोने की मात्रा, उसे निकालने में आने वाले खर्च के अलावा कितनी भूमि वन क्षेत्र है और कितनी राजस्व विभाग की, इन सब तथ्यों पर विचार-विमर्श के लिए टीम को बुलाया गया है।
जिले में सोना निकालने के लिए खुदाई कार्य के ऑक्शन(नीलामी) की प्रक्रिया केंद्र सरकार पूरी करेगी, जबकि अन्य प्रक्रियाएं राज्य सरकार को करनी है। इस सिलसिले में भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।
सोन पहाड़ी में 2943.26 टन और हरदी पहाड़ी में 646.15 किग्रा सोना मिलने की संभावना जताई गई है। इसकी पुष्टि के बाद भूगर्भ व खनिकर्म के प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम यहां संबंधित क्षेत्र के सीमांकन में जुटी हुई थी। इसमें खनन विभाग से जुड़ी एक टीम भी शामिल थी।
सीमांकन का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। शनिवार को सोन व हरदी पहाड़ी क्षेत्र में टीम सीमांकन के अंतिम दौर की प्रक्रिया पूरी करने पहुंची ही थी कि शासन ने इस पूरे मुद्दे पर जानकारी के लिए सीमांकन करने वाली टीम को लखनऊ तलब कर लिया। दिन में टीम लखनऊ रवाना हो गई।
पहाड़ी के सीमाकंन कार्य में लगे एक लेखपाल ने बताया कि मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। ज्यादातर पहाड़ी सुरक्षित भूमि है। उधर, क्षेत्र के पहाड़ियों मे अपार खनिज संपदाओं के मिलने की सूचना पर लोगों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।