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सोने के बाद अब मिलेगा यूरेनियम का भंडार! 15 दिनों से हेलीकॉप्टर से किया जा रहा सर्वे

Sat, 22 Feb 2020 03:46 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 22 Feb 2020 03:46 PM IST
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Sonbhadra gold mine son hardi hills Helicopter survey for searching Uranium reserves
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिलेकी सोन और हरदी पहाड़ी में अधिकारियों ने सोना मिलने की पुष्टि की है। इसके अलावा क्षेत्र की पहाड़ियों में एंडालुसाइट, पोटाश, लौह अयस्क आदि खनिज संपदा होने की बात भी चर्चा में है। क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों में लगातार 15 दिनों से हेलीकॉप्टर से सर्वे किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हवाई सर्वे के माध्यम से यूरेनियम का भी पता लगाया जा रहा है। इसकी मौजूदगी की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।

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हरदी पहाड़ी में जमीन की कोख में सोना पत्थर होने को लेकर पिछले 20 वर्षों से भूतत्व और खनिकर्म विभाग के अधिकारी, कर्मचारी जमे हुए हैं। सोन पहाड़ी में भी टीम सर्वे में जुटी है। बताया जा रहा है कि सोन पहाड़ी में 2943.26 टन और हरदी ब्लाक में 646.15 किलो सोना है।
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खनन अधिकारी केके राय का कहना है कि सोन व हरदी पहाड़ी के स्वर्ण अयस्क वाले क्षेत्र में सीमांकन का कार्य इसलिए किया जा रहा है, ताकि पता चल सके कि संबंधित खनिज संपदा वाला क्षेत्र वन भूमि है अथवा राजस्व व भूमिधरी। सीमांकन की प्रक्रिया तीन दिनों में पूरी हो जाने की उम्मीद है।

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मौजूद खनिकर्म प्रभारी ने बताया कि पड़रक्ष पहाड़ी में 646.15 किलो सोना मिलने का अनुमान डीजीएम लखनऊ द्वारा लगाया गया है। इस क्षेत्र का वन व राजस्व विभाग के संयुक्त सहयोग से सीमाकंन का कार्य किया जा रहा है। सीमाकंन का कार्य पूरा होते ही ई टेंडरिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पड़रक्ष के जिस पहाड़ी में सोने का पत्थर होने की संभावना है, उसका रकवा 108 हेक्टेयर बताया जा रहा है।

भारत के स्वर्ण भंडार से पांच गुना ज्यादा
सोनभद्र जिले की खान में करीब 3,350 टन (अनुमानित मात्रा) सोना होने की बात कही जा रही है। यह भारत के स्वर्ण भंडार से करीब पांच गुना ज्यादा है। विश्व स्वर्ण काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के भंडार में अभी 618.2 टन सोना है। यह कुल विदेशी भंडार में सोने का 6.6 प्रतिशत हिस्सा है। इस लिहाज से भारत स्वर्ण भंडारण के मामले में विश्व में 9वें नंबर पर है।

क्या होता है गोल्ड रिजर्व या स्वर्ण भंडार
स्वर्ण भंडार या गोल्ड रिजर्व किसी भी देश के केंद्रीय बैंक के पास रखा गया वह सोना होता है, जो आर्थिक संकट के समय काम आता है। यह देश की मुद्रा की रक्षा और जरूरत पड़ने पर लोगों के धन की वापसी के लिहाज से केंद्रीय बैंक खरीदकर रखता है। भारत में रिजर्व बैंक यह काम करता है। इस भंडार की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त होती है।

बढ़ेगी सोने की कीमत
एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2020 में सोने की कीमतों में किसी तरह की कोई राहत नहीं मिलेगी और यह साल के अंत तक 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू सकता है। विश्व स्वर्ण काउंसिल के अनुमान के मुताबिक आर्थिक सुस्ती, रुपये में उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय असंतुलन की वजह से ऐसा हो सकता है।

सोने के अलावा और क्या...
खनन विभाग के अधिकारी सोनभद्र की खान में सिर्फ पीली धातु सोना ही नहीं बल्कि यूरेनियम जैसे दुर्लभ खनिजों की संभावना भी तलाश रहे हैं। यूपी के बुंदेलखंड और विंध्य जिले सोने, हीरे, प्लैटिनम, चूना पत्थर, ग्रेनाइट, फॉस्फेट, क्वार्ट्ज और चीन की मिट्टी जैसे खनिजों से समृद्ध कही जाती हैं।

सोना निकालने से क्या होगा लाभ
विशाल सोने की खान और अन्य खनिजों की खोज से उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व को बढ़ेगा। इसके साथ ही यह खान कुशल और अकुशल दोनों तरह के रोजगार प्रदान करने के अलावा, इन पिछड़े क्षेत्रों के जरूरी विकास को भी आगे बढ़ाने वाली होगी।

किस देश के पास कितना सोना
विश्व स्वर्ण काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के पास दुनिया में सबसे अधिक 8,133.5 टन गोल्ड रिजर्व है। इसके बाद जर्मनी के पास 3,366 टन और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास 2,814 टन है। भारत से ज्यादा सोने का भंडार रखने वाले अन्य देशों में इटली 2,451.8 टन, फ्रांस 2436 टन, रूस 2,241.9 टन, चीन 1,948.3 टन, स्विट्जरलैंड 1,040 टन और जापान के पास 765.2 टन का भंडार है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक की अवधि में देश के चालू खाते के घाटे तहत सोने का आयात 9 प्रतिशत घटकर 24.64 बिलियन डॉलर (लगभग 1.74 लाख करोड़ रुपए) रह गया है।

यह आयात वित्त वर्ष 2018-19 की इसी अवधि में 27 अरब डॉलर था। मंत्रालय के मुताबिक, सोने के आयात में गिरावट से चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की अवधि में देश का व्यापार घाटा 133.27 अरब डॉलर रह गया था, जो एक साल पहले 163.27 अरब डॉलर था।

बता दें कि भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरी करने के लिए इसका आयात करता है। मात्रा के लिहाज से देश सालाना 800-900 टन सोना आयात करता है। यही कारण है कि सरकार समय-समय पर व्यापार घाटे और सीएडी पर सोने के आयात के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए आयात शुल्क बढ़ाती है। अभी यह शुल्क 12.5 प्रतिशत के करीब है।

भारत में कहां हैं सोने की खानें
भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की हुत्ती खदान से निकाला जाता है। इस लिहाज से भारत में कर्नाटक सोने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इसके बाद आंध्रप्रदेश दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इनके अलावा झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश में भी सोना की छोटी-बड़ी खदानें हैं।
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