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Varanasi: प्रोफेसर को मुनाफे का झांसा देकर बेटे के दोस्त ने लगाई 98 लाख रुपये की चपत, चार पर मुकदमा

Fri, 20 Oct 2023 10:39 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 20 Oct 2023 10:39 AM IST
सार

वाराणसी निवासी एक प्रोफेसर को म्युचुअल फंड और जमीन में निवेश करने पर बेहतर मुनाफे का झांसा उनके बेटे के दोस्त ने 98 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित प्रोफेसर ने  भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। 

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Son's friend defrauded professor of Rs 98 lakh by luring him of profit, case against four
- फोटो : Istock

विस्तार

वाराणसी के खोजवा क्षेत्र में रहने वाले एक प्रोफेसर को म्युचुअल फंड और जमीन में निवेश करने पर बेहतर मुनाफे का झांसा उनके बेटे के दोस्त ने दिया। इसके साथ ही प्रोफेसर, उनके परिजनों और करीबी दोस्त का 98 लाख सात हजार 281 रुपये का निवेश कराया। निर्धारित समय सीमा बीतने पर प्रोफेसर ने मुनाफे के साथ निवेश की गई रकम लौटाने को कहा तो उन्हें और उनके परिजनों को जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

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प्रकरण को लेकर प्रोफेसर रामअवतार ओझा की तहरीर के आधार पर भेलूपुर थाने में सुसुवाही क्षेत्र के नासिरपुर रोड निवासी धर्मनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, उसकी पत्नी मीना श्रीवास्तव, बेटी अमृता श्रीवास्तव और बेटे बैंक कर्मी अंकुर श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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खुद को फाइनेंसियल कंसल्टेंट बताता था अमित

प्रोफेसर रामअवतार ओझा ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे पुनीत की बचपन से अमित श्रीवास्तव से दोस्ती थी। इस वजह से अमित, उसके पिता धर्मनाथ, मां मीना, बहन अमृता और भाई अंकुर से उनके घनिष्ठ पारिवारिक संबंध थे। अमित खुद को फाइनेंसियल कंसल्टेंट बताता था। अमित ने उन्हें जमीन और म्युचुअल फंड में निवेश पर तगड़े मुनाफे की बात समझाई।

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अमित की बातों पर उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही दोस्त शिक्षक शिवेंद्र सत्यमूर्ति ने भरोसा किया। मार्च 2022 से जनवरी 2023 तक उन्होंने व उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही शिक्षक शिवेंद्र सत्यमूर्ति ने बैंक खाते में और नकद 9807281 रुपये अमित व उसके परिजनों को दिया। आज तक मुनाफा तो क्या मूलधन भी वापस नहीं मिला। उधर, इस संबंध में भेलूपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बेटे को मृत बताया और खाते से लेनदेन होता रहा

प्रोफेसर रामअवतार ओझा ने पुलिस को बताया कि अमित के पिता धर्मनाथ से निवेश की गई रकम और मुनाफे की मांग की गई। इस पर धर्मनाथ ने बताया कि 18 अप्रैल 2023 को अमित की मौत हो गई है। धर्मनाथ की बात पर संशय हुआ तो अमित के बैंक खाते के बारे में पता किया गया। सामने आया कि मई 2023 में भी अमित के बैंक खाते से लेनदेन किया जा रहा था।

80.50 लाख रुपये के चेक बाउंस कर गए

प्रोफेसर रामअवतार ओझा ने पुलिस को बताया कि काफी भागदौड़ के बाद अमित के परिजनों द्वारा 80 लाख 50 हजार रुपये के चेक दिए गए। उन चेक को बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस कर गए। इस बारे में अमित के पिता धर्मनाथ से बात की गई तो उसने देख लेने की धमकी दी।

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