बूढ़े माता-पिता को किराएदार बता पीटकर निकाला घर से बाहर, बेटे ने कोर्ट में भी किया केस
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जिस बेटे के पैदा होने पर पिता ने ढोल नगाड़े बजवा कर गांव वालों को भोज दिया था, उसी ने मां-बाप का सहारा बनने के बजाय उन्हें पीटकर घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं, लोगों के पूछने पर उन्हें किराएदार बता दिया। इकलौते बेटे ने कोर्ट में मुकदमा भी कराया है।
ये मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का है। गुरुवार को मामला संज्ञान में आने पर सीओ सदर मो अकमल खां ने कोर्ट का फैसला आने तक वृद्ध माता-पिता को घर में रखने का निर्देश दिया। प्रताड़ित करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
वृद्ध सिद्धू चौहान और उसकी पत्नी समरजिया देवी ने गुरुवार को सीओ सदर के ऑफिस में पहुंचकर शिकायत की कि बुढ़ापे में इकलौता बेटा भोजन देना तो दूर उन्हें अपने घर में रहने भी नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि उसने मारपीट कर दोनों को घर से निकाल दिया।
मां का कहना था कि बेटे ने धमकी दी है कि यदि दोबारा लौटकर आ गए तो हाथ, पैर तोड़ दूंगा। पीड़ित की शिकायत पर सीओ ने जहानागंज थाने की पुलिस से जांच कराई तो पता चला कि सिद्धू का इकलौता बेटा साधन संपन्न है। बावजूद इसके वह मां-बाप को घर में रहने नहीं दे रहा है। उसने माता-पिता को किराएदार बताते हुए घर से बाहर कर दिया है।
इस संबंध में आरोपी ने कोर्ट में मुकदमा भी किया है। सीओ सदर मो अकमल खां ने बताया कि सिद्धू के बेटे को चेतावनी दी गई है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तुम्हारे माता-पिता इसी घर में रहेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई की जाएगी।