फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   some more officers will be convicted of varuna ecnroachment

वरुणा पर कब्जाः जल्द ही कुछ और अफसरों की फंसेगी गर्दन

Sun, 04 Jun 2017 04:34 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 04 Jun 2017 04:34 PM IST
विज्ञापन
some more officers will be convicted of varuna ecnroachment
वरुणा के डूब क्षेत्र में में बन गई बांउड्री - फोटो : अमर उजाला
भीमनगर में वरुणा की तलहटी पाटकर जमीन कब्जे के मामले में जल्द ही नगर निगम, होमगार्ड और राजस्व विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। जमीन विनियमन के आदेश में किस-किस की संलिप्तता रही, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


संबंधित सभी दस्तावेजों का परीक्षण करने  के साथ ही यह जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित है। इसकी भी पड़ताल की जाएगी कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ कि जमीन दूसरे के नाम हो गई और नगर निगम व होमगार्ड विभाग (जिन्हें यह जमीन आवंटित थी) अनजान बने रहे।
विज्ञापन


कमिश्नर के आदेश पर मामले की जांच कर रहे अपर आयुक्त प्रशासन ओम प्रकाश चौबे ने बताया कि तीन-चार दिनों के भीतर वह अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

परीक्षण के लिए तहसील से रिकॉर्ड मंगाए गए हैं। जानकारों के मुताबिक पूरे प्रकरण में अहम सवाल यह है कि जमीन के कागजात में हेरफेर हो गया, वह दूसरे के नाम दर्ज हो गई, मिट्टी पाटकर कब्जा कर लिया गया लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी जिन विभागों के जिम्मे वह जमीन थी, वो आखिर सोये क्यों रहे।

जबकि, मामले में सात साल पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था। नगर निगम और होमगार्ड विभाग ने निगरानी की जरूरत क्यों नहीं समझी। इसकी भी जांच होगी कि जमीन के विनियमन का आदेश करने वाले अपर उप जिलाधिकारी ने आदेश से पहले क्या जमीन का भौतिक सत्यापन कराया था।

खुद जाकर परीक्षण किया था। संबंधित विभागों की ओर से कोई अनापत्ति दी गई थी। सूत्रों का दावा है कि पूरे मामले में हर स्तर पर जमकर अंधेरगर्दी हुई है। निष्पक्षता से जांच हुई तो इस खेल में शामिल कुछ और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। 

तय है कार्रवाई होगी

some more officers will be convicted of varuna ecnroachment
varuna - फोटो : अमर उजाला
भीमनगर मामले में अपर उप जिलाधिकारी बसंत कुमार गुप्ता पर कार्रवाई होनी तय है। जानकार मानते हैं कि किसी को फायदा पहुंचाने की नीयत से अधिकारी यदि कोई गलत आदेश देता है तो आदेश करने वाले अधिकारी पर शासन स्तर से कार्रवाई बनती है। इस दौरान उस अधिकारी का भी पक्ष शासन सुन सकता या फिर नहीं भी सुन सकता है। यह सब कुछ अधिकारी के नीयत पर निर्भर करेगा। 

डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि भीमनगर मामले में अपर उप जिलाधिकारी पर कार्रवाई तो तय है। विधिक प्रक्रिया का पालन कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अन्य जमीन कब्जे के मामलों को देखा जा रहा है।

सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है। बता दें कि एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन की ओर से डीएम को रिपोर्ट भेजी गई कि अपर उप जिलाधिकारी बसंत कुमार गुप्ता ने पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल के भाई और होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल के पक्ष में नगर निगम की 302 एयर जमीन के विनिमय का आदेश कर दिया। इसमें जितने लोगों की संलिप्तता होगी उन सब पर कार्रवाई तो होगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed