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जिला योजना का हालः कम बजट मिलने के बावजूद भी खर्च नहीं कर पाए कुछ विभाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:26 PM IST
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वित्तीय वर्ष बीतने को है लेकिन जिला योजना में कुछ विभाग ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत धनराशि भी नहीं खर्च कर पाए। शासन में विभागों की ओर से प्रभावी पैरवी न होने की वजह से अनुमोदित धनराशि भी काफी कम अवमुक्त हो पाई।
ऐसे में आमजन सुविधाओं से वंचित रहेंगे। कई विभागों की ओर से शासन को जनवरी महीने में प्रस्ताव भेजा गया है। जिला योजना में 43 विभागों को शामिल किया गया है। इन सभी विभागों के लिए चालू वित्तीय साल में तीन अरब 51 करोड़ 22 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया था।
एक साल में ये राशि खर्च की जानी थी। इसमें से 15 करोड़ 21 लाख 56 हजार रुपये शासन की ओर से मिल सके। कुल मिलाकर विभागों ने अवमुक्त धनराशि में से 87.70 प्रतिशत राशि खर्च किए लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर सके हैं।
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ऐसे में आमजन सुविधाओं से वंचित रहेंगे। कई विभागों की ओर से शासन को जनवरी महीने में प्रस्ताव भेजा गया है। जिला योजना में 43 विभागों को शामिल किया गया है। इन सभी विभागों के लिए चालू वित्तीय साल में तीन अरब 51 करोड़ 22 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया था।
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एक साल में ये राशि खर्च की जानी थी। इसमें से 15 करोड़ 21 लाख 56 हजार रुपये शासन की ओर से मिल सके। कुल मिलाकर विभागों ने अवमुक्त धनराशि में से 87.70 प्रतिशत राशि खर्च किए लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर सके हैं।
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कम खर्च करने वाले विभाग
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कृषि विभाग को 24 लाख रुपये का अनुमोदन था लेकिन इसमें से 12 लाख 20 हजार ही जारी किए गए। विभाग इस राशि का भी पूरा उपयोग नहीं कर सका। विभाग ने महज 32.49 प्रतिशत राशि ही खर्च किया।
प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग का तीन करोड़ 20 लाख रुपये का बजट था जिसमें से 14 लाख चार हजार रुपये जारी किए गए लेकिन विभाग इसमें से 25.93 प्रतिशत राशि ही खर्च कर सका।
निजी लघु सिंचाई जारी धनराशि में से 45.35 प्रतिशत राशि ही खर्च कर सका। पशुपालन विभाग, प्रादेशिक खेलकूद, ग्रामीण आवास, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने जारी धनराशि में से पूरी राशि का उपयोग कर लिया है।
प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग का तीन करोड़ 20 लाख रुपये का बजट था जिसमें से 14 लाख चार हजार रुपये जारी किए गए लेकिन विभाग इसमें से 25.93 प्रतिशत राशि ही खर्च कर सका।
निजी लघु सिंचाई जारी धनराशि में से 45.35 प्रतिशत राशि ही खर्च कर सका। पशुपालन विभाग, प्रादेशिक खेलकूद, ग्रामीण आवास, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने जारी धनराशि में से पूरी राशि का उपयोग कर लिया है।