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सुबह-ए-बनारस की 1001वीं महफिल से नाराज होकर गईं पद्मश्री सोमा घोष
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:49 AM IST
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सोमा घोष
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ठुमरी गायिका पद्मश्री सोमा घोष रविवार की सुबह अस्सी घाट पर आयोजित अखंड दिवस समारोह में अफसरों की मनमानी से नाराज होकर सुबह-ए-बनारस की 1001वीं महफिल बीच में ही छोड़कर चलीं गईं। उन्होंने अपनी नाराजगी आयोजकों पर जाहिर की।
उनका कहना था कि इस आयोजन में कलाकारों की कद्र न होकर अफसरों का गुणगान किया जा रहा है। यज्ञ, आरती और अर्घ्यदान के मौके पर अफसरों को तो शामिल किया गया लेकिन उन्हें एक बार भी पूछा नहीं गया।
बता दें कि काशी की संस्कृति से देश-दुनिया को परिचित कराने को सजाया गया अनूठा गुलदस्ता रविवार की सुबह पौ फटने के साथ ही खास अंदाज में निखर उठा। सुबह-ए-बनारस ने अनवरत बिना किसी दोहराव के 1001 सफल दिन पूरे किए।
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संगीत, कला, साहित्य जगत की हस्तियों से लेकर मंत्री-अफसर तक इस मौके को यादगार बनाने भोर में ही अस्सी घाट पहुंचे।
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उनका कहना था कि इस आयोजन में कलाकारों की कद्र न होकर अफसरों का गुणगान किया जा रहा है। यज्ञ, आरती और अर्घ्यदान के मौके पर अफसरों को तो शामिल किया गया लेकिन उन्हें एक बार भी पूछा नहीं गया।
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बता दें कि काशी की संस्कृति से देश-दुनिया को परिचित कराने को सजाया गया अनूठा गुलदस्ता रविवार की सुबह पौ फटने के साथ ही खास अंदाज में निखर उठा। सुबह-ए-बनारस ने अनवरत बिना किसी दोहराव के 1001 सफल दिन पूरे किए।
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