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ये क्या! पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में ‘फंदे’ से लटक गए
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 20 Jun 2017 05:04 PM IST
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बरगद के पेड़ से प्रतीकात्मक फांसी लगाई।
- फोटो : अमर उजाला
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विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर कैथी और चंद्रावती गांव के बीच अनूठे तरीके से अपना विरोध जताया। बरगद के पेड़ से प्रतीकात्मक फांसी लगाई।
उन्होंने कहा कि हाईवे सहित अन्य विकास कार्यों के लिए जहां-जहां भी पेड़ काटे गए हैं, वहां नए सिरे से पर्याप्त पौधरोपण कराया जाए। एक महीने के अंदर ऐसा नहीं होने पर उन्होंने फांसी लगाकर सामूहिक रूप से खुदकुशी करने की चेतावनी भी दी।
वाराणसी से गोरखपुर के बीच फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इसके लिए सड़क किनारे बड़ी तादाद में पेड़ काटे गए हैं। सामाजिक संस्था समग्र विकास इंडिया के तत्वावधान में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पेड़ों को बचाने की मुहिम छेड़ी है।
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विरोध के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के पोर्टल पर निवेदन किया कि फोरलेन के दायरे में आने वाले पेड़ काटे न जाएं बल्कि उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कराया जाए। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें केरल सहित अन्य प्रांतों में उपलब्ध हैं।
इस बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव को भी शिकायत भेजी गई, जहां से वाराणसी डीएफओ को निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया। डीएफओ का कहना था कि यहां ऐसी मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, जिनके जरिए पेड़ाें को एक से दूसरी जगह स्थानांतरित कराया जाए।
इस बारे में उन्होंने शासन को पत्र लिखकर अवगत भी करा दिया लेकिन उसके बाद सारा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मनमाने तरीके से पेड़ काटे गए हैं। अन्य जगहों पर भी विकास कार्यों के नाम पर जिस तरह बिना सोचे-समझे पेड़ काटे जा रहे हैं उससे आने वाले समय में पर्यावरण संकट और गहराएगा।
महीने भर के अंदर नए सिरे से व्यापक पैमाने पर पौधरोपण न कराया गया तो इसके गंभीर नतीजे सामने आएंगे।
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उन्होंने कहा कि हाईवे सहित अन्य विकास कार्यों के लिए जहां-जहां भी पेड़ काटे गए हैं, वहां नए सिरे से पर्याप्त पौधरोपण कराया जाए। एक महीने के अंदर ऐसा नहीं होने पर उन्होंने फांसी लगाकर सामूहिक रूप से खुदकुशी करने की चेतावनी भी दी।
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वाराणसी से गोरखपुर के बीच फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इसके लिए सड़क किनारे बड़ी तादाद में पेड़ काटे गए हैं। सामाजिक संस्था समग्र विकास इंडिया के तत्वावधान में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पेड़ों को बचाने की मुहिम छेड़ी है।
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विरोध के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के पोर्टल पर निवेदन किया कि फोरलेन के दायरे में आने वाले पेड़ काटे न जाएं बल्कि उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कराया जाए। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें केरल सहित अन्य प्रांतों में उपलब्ध हैं।
इस बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव को भी शिकायत भेजी गई, जहां से वाराणसी डीएफओ को निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया। डीएफओ का कहना था कि यहां ऐसी मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, जिनके जरिए पेड़ाें को एक से दूसरी जगह स्थानांतरित कराया जाए।
इस बारे में उन्होंने शासन को पत्र लिखकर अवगत भी करा दिया लेकिन उसके बाद सारा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मनमाने तरीके से पेड़ काटे गए हैं। अन्य जगहों पर भी विकास कार्यों के नाम पर जिस तरह बिना सोचे-समझे पेड़ काटे जा रहे हैं उससे आने वाले समय में पर्यावरण संकट और गहराएगा।
महीने भर के अंदर नए सिरे से व्यापक पैमाने पर पौधरोपण न कराया गया तो इसके गंभीर नतीजे सामने आएंगे।